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Rampur Bushahar News: नित्थर की सात पंचायतों के हजारों मरीजों का स्वास्थ्य एक चिकित्सक के हवाले
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एक डॉक्टर के सहारे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नित्थर की स्वास्थ्य सेवाएं। संवाद
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नित्थर में फार्मासिस्ट, न स्टाफ नर्स
स्वास्थ्य सेवाएं चरमराई, मरीजों को झेलनी पड़ रही परेशानियां
संवाद न्यूज एजेंसी
नित्थर (कुल्लू)। उपतहसील नित्थर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सेवाएं चरमराने लगी हैं। यह अस्पताल एकमात्र चिकित्सक के सहारे चल रहा है। 10 वर्ष से स्टाफ नर्स और एक साल से फार्मासिस्ट का पद रिक्त चल रहा है। सात पंचायतों के हजारों मरीजों का स्वास्थ्य रामभरोसे है। इस अस्पताल में देहरा, नित्थर, दुराह, कुठेड़, लोट, शिल्ली और पलेही सात पंचायतों के ग्रामीण उपचार के लिए पहुंचते हैं। 15 वर्ष पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दो चिकित्सक, एक नर्स, लैब तकनीशियन और फार्मासिस्ट तैनात था, लेकिन अब लंबे समय से फार्मासिस्ट और नर्स का पद रिक्त चल रहा है। ग्रामीणों को कहना है कि यहां पर तैनात चिकित्सक को सारे काम स्वयं करने पड़ रहे हैं। मरीजों की ड्रेसिंग से लेकर दवाई देने का काम खुद चिकित्सक कर रहा है। स्टाफ की कमी के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मरीज को उपचार के लिए मजबूरन कई किलोमीटर दूर खनेरी, रामपुर और आईजीएमसी शिमला जाना पड़ रहा है। खासकर, नर्स न होने के कारण महिलाओं को ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उधर, सीएमओ कुल्लू डॉ. नागराज का कहना है कि स्टाफ की कमी चल रही है। समायोजन (एडजस्टमेंट) के लिए भी अभी स्टाफ उपलब्ध नहीं है। सरकार और उच्चाधिकारियों को समय समय पर रिक्त पदों को लेकर पत्राचार किया जा रहा है।
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स्वास्थ्य सेवाएं चरमराई, मरीजों को झेलनी पड़ रही परेशानियां
संवाद न्यूज एजेंसी
नित्थर (कुल्लू)। उपतहसील नित्थर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सेवाएं चरमराने लगी हैं। यह अस्पताल एकमात्र चिकित्सक के सहारे चल रहा है। 10 वर्ष से स्टाफ नर्स और एक साल से फार्मासिस्ट का पद रिक्त चल रहा है। सात पंचायतों के हजारों मरीजों का स्वास्थ्य रामभरोसे है। इस अस्पताल में देहरा, नित्थर, दुराह, कुठेड़, लोट, शिल्ली और पलेही सात पंचायतों के ग्रामीण उपचार के लिए पहुंचते हैं। 15 वर्ष पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दो चिकित्सक, एक नर्स, लैब तकनीशियन और फार्मासिस्ट तैनात था, लेकिन अब लंबे समय से फार्मासिस्ट और नर्स का पद रिक्त चल रहा है। ग्रामीणों को कहना है कि यहां पर तैनात चिकित्सक को सारे काम स्वयं करने पड़ रहे हैं। मरीजों की ड्रेसिंग से लेकर दवाई देने का काम खुद चिकित्सक कर रहा है। स्टाफ की कमी के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मरीज को उपचार के लिए मजबूरन कई किलोमीटर दूर खनेरी, रामपुर और आईजीएमसी शिमला जाना पड़ रहा है। खासकर, नर्स न होने के कारण महिलाओं को ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उधर, सीएमओ कुल्लू डॉ. नागराज का कहना है कि स्टाफ की कमी चल रही है। समायोजन (एडजस्टमेंट) के लिए भी अभी स्टाफ उपलब्ध नहीं है। सरकार और उच्चाधिकारियों को समय समय पर रिक्त पदों को लेकर पत्राचार किया जा रहा है।