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नौ सौ रुपये का किराया देकर सबलेट कर दी दुकानें, घर बैठे ले रहे हजारों
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रोहडू। नगर परिषद रोहड़ू की ओर से आवंटित की गई दुकानों का नाममात्र किराया देकर लाखों का कारोबार कर रहे हैं। कई दुकानदारों ने दुकानों को सबलेट कर दिया है। दुकानदार घर बैठे किराये के रुप में पेंशन ले रहे हैं। नप ने आय बढ़ाने के लिए दुकानें बनाई थी और इनका आवंटन किया था, लेकिन यहां से कुछ खास आय नप को नहीं हो रही है। नगर परिषद मामले को लेकर सुस्त पड़ी है।
नगर परिषद रोहडू ने बाजार में 102 दुकानें किराये पर दे रखी हैं। एक दुकान से नगर परिषद को हर महीने नौ रुपये किराया मिलता है। जबकि, बाजार में निजी भवनों के साथ बनी दुकानों में यही किराया महीने का तीस से चालीस हजार तक है। नप की आवंटित दुकानों में लाखों का कारोबार होता है लेकिन किराये के नाम पर कुछ नहीं मिल रहा है। बताया जा रहा है कि कई दुकानदारों ने नप की ओर से आवंटित दुकानों को सबलेट कर दिया है। ये घर बैठे किराया वसूल रहे हैं। नौ सौ रुपये किराया देकर इन दुकानदारों ने दुकानों को किसी और को सबलेट कर रखा है। नगर परिषद पहले तंगहाली से गुजर रही है। इससे नप को और चूना लग रहा है। सबलेट की गई दुकानों से दुकानदार हर महीने 10 से 15 हजार की वसूली कर रहे हैं। नगर परिषद की ओर से इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। अपनी दुकानों को सस्ते किराये पर देकर खुद नगर परिषद आर्थिक तंगहाली से उभरने के लिए लोगों से गृहकर वसूल रही है।
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नगर परिषद रोहडू के अध्यक्ष राधेश्याम शर्मा ने बताया कि दुकानों के कम किराये के मामले को बैठक में उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि दुकानों का किराया उनके कार्यकाल के पहले से कम रखा गया है। जिन लोगों ने दुकानें सबलेट की अब उन दुकानों को मौके पर बैठे दुकानदारों के नाम किया जाएगा। शीघ्र नगर परिषद इस मामले में पहले करने वाली है।
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नगर परिषद रोहडू ने बाजार में 102 दुकानें किराये पर दे रखी हैं। एक दुकान से नगर परिषद को हर महीने नौ रुपये किराया मिलता है। जबकि, बाजार में निजी भवनों के साथ बनी दुकानों में यही किराया महीने का तीस से चालीस हजार तक है। नप की आवंटित दुकानों में लाखों का कारोबार होता है लेकिन किराये के नाम पर कुछ नहीं मिल रहा है। बताया जा रहा है कि कई दुकानदारों ने नप की ओर से आवंटित दुकानों को सबलेट कर दिया है। ये घर बैठे किराया वसूल रहे हैं। नौ सौ रुपये किराया देकर इन दुकानदारों ने दुकानों को किसी और को सबलेट कर रखा है। नगर परिषद पहले तंगहाली से गुजर रही है। इससे नप को और चूना लग रहा है। सबलेट की गई दुकानों से दुकानदार हर महीने 10 से 15 हजार की वसूली कर रहे हैं। नगर परिषद की ओर से इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। अपनी दुकानों को सस्ते किराये पर देकर खुद नगर परिषद आर्थिक तंगहाली से उभरने के लिए लोगों से गृहकर वसूल रही है।
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नगर परिषद रोहडू के अध्यक्ष राधेश्याम शर्मा ने बताया कि दुकानों के कम किराये के मामले को बैठक में उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि दुकानों का किराया उनके कार्यकाल के पहले से कम रखा गया है। जिन लोगों ने दुकानें सबलेट की अब उन दुकानों को मौके पर बैठे दुकानदारों के नाम किया जाएगा। शीघ्र नगर परिषद इस मामले में पहले करने वाली है।
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