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ठियोग में लंपी रोग की चपेट में आए 646 मवेशी
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ठियोग (रामपुर बुशहर)। उपमंडल ठियोग में लंपी रोग की चपेट में करीब 646 पशु आए हैं। पशु चिकित्सक डॉ. हितेंद्र ग्रैक ने बताया कि 9,100 पशुओं का टीकाकरण किया गया है। ठियोग में पशुपालन विभाग की ओर से आयोजित कार्यशाला में पशुपालकों को जागरूक किया गया।
डॉ. हितेंद्र ने बताया कि लंपी रोग के लक्षण दिखने पर अन्य स्वस्थ पशुओं से अलग कर देना चाहिए। नजदीकी पशु अस्पताल में इसकी जानकारी दें। उन्होंने बताया कि लंपी रोग पशुओं में ही फैलता है। इसके फैलने का बड़ा कारण गोशाला में मक्खी, मच्छर होना है। उन्होंने बताया कि एक मक्खी 50 किलोमीटर दूर तक इस वायरस को पहुंचा सकती है। लंपी रोग केवल गोवंश और भैंसों को प्रभावित करता है, मनुष्य पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ता। यह वायरस गर्मी और बरसात में अधिक फैलता है। पशुओं को भूख न लगना, तेज बुखार आना, आंख-नाक से लगातार पानी आना इसके लक्षण हैं।
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डॉ. हितेंद्र ने बताया कि लंपी रोग के लक्षण दिखने पर अन्य स्वस्थ पशुओं से अलग कर देना चाहिए। नजदीकी पशु अस्पताल में इसकी जानकारी दें। उन्होंने बताया कि लंपी रोग पशुओं में ही फैलता है। इसके फैलने का बड़ा कारण गोशाला में मक्खी, मच्छर होना है। उन्होंने बताया कि एक मक्खी 50 किलोमीटर दूर तक इस वायरस को पहुंचा सकती है। लंपी रोग केवल गोवंश और भैंसों को प्रभावित करता है, मनुष्य पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ता। यह वायरस गर्मी और बरसात में अधिक फैलता है। पशुओं को भूख न लगना, तेज बुखार आना, आंख-नाक से लगातार पानी आना इसके लक्षण हैं।
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