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Rampur Bushahar News: युवाओं में बढ़ी किन्नौरी टोपी की मांग
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600 से लेकर 700 तक रही किन्नौरी टापी
देव कला नेगी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। किन्नौर की शान किन्नौरी टोपी की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। युवाओं में भी टोपी का शौक बढ़ता जा रहा है। आज की युवा पीढ़ी पुराने पहनावे को अब के पहनावे में पहनना पसंद कर रहे हैं। पुराने समय में किन्नौर की शान किन्नौरी टोपी में कई तरह के डिजाइन बनाए जाते थे। समय के साथ युवाओं को पुराने डिजाइन की किन्नौरी टोपी पसंद आ रही है। पहले के समय में इन टोपियों की कीमत कम हुआ करती थी, लेकिन आज महंगाई के चलते टोपी में लगाई जाने वाले सामग्री महंगी हो गई है। इसके चलते टोपियों की कीमत बढ़ी है, लेकिन मेहनत के हिसाब से कीमत ठीक है।पहले किन्नौरी टोपियों की कीमत 350 से 400 रुपये हुआ करती थी, अब 600 से 700 रुपये तक कई तरह के डिजाइन की टोपियां मिल रही हैं।
किन्नौर जिला के सांगला के एलिजा कैप सेल के मालिक अजेंद्र नेगी ने बताया कि इस कारोबार से जुड़े करीब 13 साल हो गए हैं। 13 वर्ष पहले सिंपल टोपियों की मांग होती थी, लेकिन आज के दौर में टोपियों में निकाली गई डिजाइन की टोपियों की मांग बहुत अधिक है। आज के समय में युवा भी किन्नौरी टोपियों को पहनना पसंद कर रहे हैं, जिससे उनके कारोबार में भी बढ़ोतरी हो रही है। महंगाई के बढ़ने से टोपी में लगाने वाली सामग्री भी महंगी हो गई है, जिससे टोपियों की कीमत भी बढ़ चुकी है। वे घर से ही कारोबार करते हैं और मांग इतनी अधिक है कि वे लोगों की मांग पूरी नहीं कर पा रहे हैं। इस कारोबार को करने से उन्हें लाभ भी हो रहा है। -संवाद
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देव कला नेगी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। किन्नौर की शान किन्नौरी टोपी की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। युवाओं में भी टोपी का शौक बढ़ता जा रहा है। आज की युवा पीढ़ी पुराने पहनावे को अब के पहनावे में पहनना पसंद कर रहे हैं। पुराने समय में किन्नौर की शान किन्नौरी टोपी में कई तरह के डिजाइन बनाए जाते थे। समय के साथ युवाओं को पुराने डिजाइन की किन्नौरी टोपी पसंद आ रही है। पहले के समय में इन टोपियों की कीमत कम हुआ करती थी, लेकिन आज महंगाई के चलते टोपी में लगाई जाने वाले सामग्री महंगी हो गई है। इसके चलते टोपियों की कीमत बढ़ी है, लेकिन मेहनत के हिसाब से कीमत ठीक है।पहले किन्नौरी टोपियों की कीमत 350 से 400 रुपये हुआ करती थी, अब 600 से 700 रुपये तक कई तरह के डिजाइन की टोपियां मिल रही हैं।
किन्नौर जिला के सांगला के एलिजा कैप सेल के मालिक अजेंद्र नेगी ने बताया कि इस कारोबार से जुड़े करीब 13 साल हो गए हैं। 13 वर्ष पहले सिंपल टोपियों की मांग होती थी, लेकिन आज के दौर में टोपियों में निकाली गई डिजाइन की टोपियों की मांग बहुत अधिक है। आज के समय में युवा भी किन्नौरी टोपियों को पहनना पसंद कर रहे हैं, जिससे उनके कारोबार में भी बढ़ोतरी हो रही है। महंगाई के बढ़ने से टोपी में लगाने वाली सामग्री भी महंगी हो गई है, जिससे टोपियों की कीमत भी बढ़ चुकी है। वे घर से ही कारोबार करते हैं और मांग इतनी अधिक है कि वे लोगों की मांग पूरी नहीं कर पा रहे हैं। इस कारोबार को करने से उन्हें लाभ भी हो रहा है। -संवाद
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