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खाली दौड़ रही निगम की बसें, दस रूटों को किया समायोजित
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रामपुर बुशहर। ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की सुविधा को देखते हुए प्रदेश सरकार ने परिवहन सेवाओं को शुरू करने का निर्णय तो लिया है, लेकिन अधिकतर क्षेत्रों में लोग परिवहन निगम की बसों में बैठने से कतरा रहे हैं। एक दिन में लाखों रुपये की आमदन करने वाला परिवहन निगम डिपो रामपुर कोरोना संक्रमण के चलते घाटे की मार झेल रहा है। यात्रियों की कम संख्या को देखते हुए निगम प्रबंधन के रूटों में भी काफी कमी आई है। रविवार को रामपुर उपमंडल के विभिन्न रूटों पर निगम की 20 बसें ही दौड़ पाई, जबकि रविवार होने के चलते ग्रामीण क्षेत्रों के लिए रवाना हुई बसों को सवारियां न मिलने के चलते उनके स्थान पर ही रखा गया।
देश दुनिया में कोरोना संक्रमण महामारी का खौफ बना हुआ है। आर्थिक जगत को भी इस महामारी से खासी क्षति पहुंची है। प्रदेश में अनलॉक 1 शुरू होने के बाद निगम की बसों को अंतरराज्यीय स्तर पर चलाने का निर्णय लिया गया है, लेकिन कोरोना संक्रमण के खौफ को देखते हुए हर व्यक्ति सफर करने से कतरा रहा है। वहीं सवारियों की कम संख्या परिवहन निगम प्रबंधन की परेशानियों का सबब बनी हुई है। इन दिनों जो बसें निगम द्वारा चलाई भी जा रही है, उनमें नाममात्र सवारियां ही सफर कर रही हैं। कोरोना संक्रमण के खौफ से पूर्व जहां परिवहन निगम रामपुर डिपो 108 रूटों पर बस सेवाएं चला रहा था, वहीं आज के दौर में इन रूटों की संख्या चार दर्जन के करीब पहुंच गई है। रविवार को रामपुर के 20 रूटों पर ही निगम की बसों को भेजा गया, जबकि 28 अलग अलग स्थानों पर निगम की बसों को खड़ा रखा गया। रविवार होने के कारण इन बसों को सवारियां नहीं मिली, जिसे देखते हुए निगम प्रबंधन ने इन्हेें वहीं खड़ा करने का निर्णय लिया है। सोमवार से इन बसों की आवाजाही शुरू होगी। जो बस सेवाएं निगम द्वारा चलाई जा रही है, उनसे भी नुकसान ही हो रहा है। यात्रियों की कम संख्या के चलते निगम ने करीब 10 रूटों को समायोजित किया है। हालांकि क्षेत्र में केवल पांच प्रतिशत निजी बसों की ही आवाजाही हो रही है।
उधर, परिवहन निगम रामपुर के अड्डा प्रभारी भागचंद ने बताया कि सवारियों की कम संख्या से कई बस रूट प्रभावित हो रहे हैं। रविवार को 20 रूटों पर ही बसों को भेजा गया। विभिन्न ग्रामीण रूटों पर भेजी गई करीब 28 बसों को सवारियां न मिलने के कारण वहीं रोक दिया गया है, जिन्हें सोमवार से चलाया जाएगा। निगम प्रबंधन लोगों को यातायात सेवाएं मुहैया करवाने में लगातार तत्पर है।
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देश दुनिया में कोरोना संक्रमण महामारी का खौफ बना हुआ है। आर्थिक जगत को भी इस महामारी से खासी क्षति पहुंची है। प्रदेश में अनलॉक 1 शुरू होने के बाद निगम की बसों को अंतरराज्यीय स्तर पर चलाने का निर्णय लिया गया है, लेकिन कोरोना संक्रमण के खौफ को देखते हुए हर व्यक्ति सफर करने से कतरा रहा है। वहीं सवारियों की कम संख्या परिवहन निगम प्रबंधन की परेशानियों का सबब बनी हुई है। इन दिनों जो बसें निगम द्वारा चलाई भी जा रही है, उनमें नाममात्र सवारियां ही सफर कर रही हैं। कोरोना संक्रमण के खौफ से पूर्व जहां परिवहन निगम रामपुर डिपो 108 रूटों पर बस सेवाएं चला रहा था, वहीं आज के दौर में इन रूटों की संख्या चार दर्जन के करीब पहुंच गई है। रविवार को रामपुर के 20 रूटों पर ही निगम की बसों को भेजा गया, जबकि 28 अलग अलग स्थानों पर निगम की बसों को खड़ा रखा गया। रविवार होने के कारण इन बसों को सवारियां नहीं मिली, जिसे देखते हुए निगम प्रबंधन ने इन्हेें वहीं खड़ा करने का निर्णय लिया है। सोमवार से इन बसों की आवाजाही शुरू होगी। जो बस सेवाएं निगम द्वारा चलाई जा रही है, उनसे भी नुकसान ही हो रहा है। यात्रियों की कम संख्या के चलते निगम ने करीब 10 रूटों को समायोजित किया है। हालांकि क्षेत्र में केवल पांच प्रतिशत निजी बसों की ही आवाजाही हो रही है।
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उधर, परिवहन निगम रामपुर के अड्डा प्रभारी भागचंद ने बताया कि सवारियों की कम संख्या से कई बस रूट प्रभावित हो रहे हैं। रविवार को 20 रूटों पर ही बसों को भेजा गया। विभिन्न ग्रामीण रूटों पर भेजी गई करीब 28 बसों को सवारियां न मिलने के कारण वहीं रोक दिया गया है, जिन्हें सोमवार से चलाया जाएगा। निगम प्रबंधन लोगों को यातायात सेवाएं मुहैया करवाने में लगातार तत्पर है।
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