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किन्नौर जिले के आयुर्वेदिक अस्पतालाओं में चरमराई स्वास्थ्य सेवाएं

Sun, 22 Sep 2019 10:21 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 22 Sep 2019 10:21 PM IST
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रिकांगपिओ (किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर में आयुर्वेदिक हेल्थ सेंटर और आयुर्वेदिक अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं। किन्नौर के विभिन्न आयुर्वेदिक अस्पतालों में बीते कई वर्षों से चिकित्सकों और फार्मासिस्टों के पद खाली पड़े हैं। जिले में 31 आयुर्वेदिक चिकित्सकों के पद स्वीकृत हैं, जिनमें 14 डॉक्टरों के पद रिक्त चल रहे हैं। जिले के मरीजों को उपचार करवाने के लिए परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं।
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सूत्रों के मुताबिक सात आयुर्वेदिक हेल्थ सेंटरों में न तो डॉक्टर और न ही आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट हैं। ऐसे में जिला आयुर्वेदिक अधिकारी ने इसके बारे में सरकार को सूचित किया है। जिले में आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट के 30 स्वीकृत पदों में से 18 पद खाली पड़े हैं। जिले के आयुर्वेदिक अधिकारी की ओर से सरकार को सूचित किया जाता रहा है। जनमंच और ई समाधान के जरिए भी किन्नौर की जनता बार बार शिकायतें करते रहे हैं, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। सीता नेगी, राम स्वरूप नेगी, लक्ष्मण राम, ऊषा देवी, सुशील नेगी, डंदुप नेगी और छेरिंग सहित अन्य ग्रामीणों का कहना है कि सरकार के ढुलमुल रवैये के चलते किन्नौर की 56 पंचायतों के हजारों लोगों को बीते कई वर्षों से आयुर्वेदिक दवाइयों से महरूम होना पड़ रहा है। जिला आयुर्वेदिक अस्पताल रिकांगपिओ, हेल्थ सेंटर आसरंग, बारंग, चारंग, चगांव, घरसु, जानी, कंधार, कटगांव, निगुलसरी, पांगी, पूर्वणी, रोघी, रामनी, रारंग, रिब्बा, शिगारचा और थेमगरनग में कई सालों से फार्मेसी के पद खाली पड़े हैं।
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कुन्नू चारंग के प्रधान पूरन सिंह नेगी, थैमगारंग पंचायत उपप्रधान चंद किशोर नेगी और रामनी जानी पंचायत प्रधान स्वतंत्र सिंह नेगी ने बताया कि चिकित्सकों के पद खाली होने से उन्हें परेशानियों से दो-चार होना पड़ रहा है। वहीं, जिला किन्नौर के जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. पवन कुमार का कहना है कि सरकार को हर माह खाली पदों को लेकर सूचित किया जाता रहा है। खाली पदों को भरना सरकार के अधीन है। प्रदेश के स्वास्थ्य एवं आयुर्वेदिक मंत्री विपिन सिंह परमार ने कहा कि जल्द आयुर्वेदिक चिकित्सकों और फार्मासिस्टों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने जा रहे हैं। जहां-जहां डॉक्टरों और आयुर्वेदिक फार्मासिस्टों के पद रिक्त हैं, उन्हें तुरंत भरा जाएगा।
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