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छात्रा से अश्लील हरकतें करने वाले शिक्षक को पांच साल की सजा,
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रामपुर बुशहर। स्कूल की छात्रा के साथ अश्लील हरकतें करने वाले दोषी शिक्षक अदालत ने पांच साल की सजा सुनाई है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय किन्नौर स्थित रामुपर (पोक्सो कोर्ट) की अदालत यह फैसला सुनाया है। दोषी पर 50,000 रुपये जुर्माना भी लगाया गया है।
मामला वर्ष 2018 का हैं, जब पीड़िता आठवीं कक्षा में पढ़ाई कर रही थी। इसी स्कूल के प्राइमरी मुख्याध्यापक रविद्र देव था। 2 जुलाई 2018 को दोपहर के समय पीड़िता जब अपनी सहेली के साथ लाइब्रेरी में किताबें लेने गई थी। जब वह किताबें लेकर अलमीरा को बंद करके पीछे मुड़ी तो आरोपी उसके पीछा खड़ा था।
शिक्षक ने इस दौरान छात्रा से अश्लील करते की। यह देखकर पीड़िता दंग रह गई और वहां से भाग गई। इस घटना के बारे में उसने स्कूल की अध्यापिका को बताया। अध्यापिका ने उसे यह घटना अपने माता-पिता को बताने के लिए कहा। घर आकर पीड़िता ने इस घटना के बारे में परिजनों को बताया। इसके बाद पीड़िता के पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस थाना निरमंड में आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 354 और सेक्शन 10 पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।
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मामले की छानबीन सब इंस्पेक्टर धर्म सिंह द्वारा अमल में लाई गई। जांच पूरी होने के बाद चालान अदालत के समक्ष पेश किया गया। पैरवी के दौरान कुल नौ गवाहों के बयान दर्ज किए गए। अदालत ने तथ्यों और सभी गवाहों के बयान के आधार पर शिक्षक रविंद्र देव को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। सरकार की ओर से इस मामले की पैरवी उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने की।
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मामला वर्ष 2018 का हैं, जब पीड़िता आठवीं कक्षा में पढ़ाई कर रही थी। इसी स्कूल के प्राइमरी मुख्याध्यापक रविद्र देव था। 2 जुलाई 2018 को दोपहर के समय पीड़िता जब अपनी सहेली के साथ लाइब्रेरी में किताबें लेने गई थी। जब वह किताबें लेकर अलमीरा को बंद करके पीछे मुड़ी तो आरोपी उसके पीछा खड़ा था।
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शिक्षक ने इस दौरान छात्रा से अश्लील करते की। यह देखकर पीड़िता दंग रह गई और वहां से भाग गई। इस घटना के बारे में उसने स्कूल की अध्यापिका को बताया। अध्यापिका ने उसे यह घटना अपने माता-पिता को बताने के लिए कहा। घर आकर पीड़िता ने इस घटना के बारे में परिजनों को बताया। इसके बाद पीड़िता के पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस थाना निरमंड में आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 354 और सेक्शन 10 पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।
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मामले की छानबीन सब इंस्पेक्टर धर्म सिंह द्वारा अमल में लाई गई। जांच पूरी होने के बाद चालान अदालत के समक्ष पेश किया गया। पैरवी के दौरान कुल नौ गवाहों के बयान दर्ज किए गए। अदालत ने तथ्यों और सभी गवाहों के बयान के आधार पर शिक्षक रविंद्र देव को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। सरकार की ओर से इस मामले की पैरवी उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने की।