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सड़क पर उतरे सैंकडों किसान, जमकर की नारेबाजी
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रोहडू में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान किसान बागवान
- फोटो : RAMPUR-HP
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रोहडू़। कृषि उत्पादों के दामों में लगातार हो रही बढ़ोतरी और न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित करने की मांग को लेकर सोमवार को सैकड़ों बागवान और किसान सड़कों पर उतरे। इस दौरान उन्होंने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। संयुक्त किसान मंच के बैनर किसानों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी समस्याओं और मांगों का जल्द समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को उग्र किया जाएगा। इसके बाद किसानों और बागवानों ने एसडीएम के माध्यम से प्रदेश सरकार को ज्ञापन भी सौंपा।
प्रदर्शन के दौरान किसान-बागवानों ने पहले पुराने बस स्टेंड रोहडू़ और इसके बाद एसडीएम कार्यालय के बाहर आधे घंटे तक प्रदर्शन किया। प्रदेश संयुक्त किसान मंच की ओर से कार्यक्रम की अध्यक्षता संजय चौहान ने की। उन्होंने कहा किसानों का आंदोलन पहले से गैर राजनीति रहा है और आगे भी गैर राजनीतिक ही रहेगा। उन्होंने कहा सभी लोगों को मिलकर अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकार के साथ लड़ाई को लड़ना है। उन्होंने मांग की कि सेब का न्यूनतम समर्थन मूल्य जल्द निर्धारित किया जाए।
कश्मीर की तर्ज पर सेब का समर्थन मूल्य ग्रेड के आधार पर तय होना चाहिए। सेब के पैकिंग मैटीरियल, खादों और दवाइयों सहित अन्य उपकरणों को जीएसटी मुक्त किया जाए। कार्टन ट्रे के दामों को नियंत्रण में रखा जाए। एचपीएमसी हिमफेड द्वारा खरीदे गए सेब का बागवानों को नकद भुगतान किया जाए, किसानों के केसीसी लोन माफ किए जाएं, ओलावृष्टि से प्रभावितों को शीघ्र मुआवजे का प्रावधान हो और सेब की खरीद को क्रेट में खरीदने की व्यवस्था की जाए।
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एसडीएम सन्नी शर्मा ने किसानों और बागवानों को आश्वासन दिया कि उपमंडल स्तर की मांगों का सभी के सहयोग से समाधान किया जाएगा। इसके बाद रणनीति तैयार करने के लिए संयुक्त किसान मोर्चा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की बैठक सर्किट हाउस आयोजित हुई।
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प्रदर्शन के दौरान किसान-बागवानों ने पहले पुराने बस स्टेंड रोहडू़ और इसके बाद एसडीएम कार्यालय के बाहर आधे घंटे तक प्रदर्शन किया। प्रदेश संयुक्त किसान मंच की ओर से कार्यक्रम की अध्यक्षता संजय चौहान ने की। उन्होंने कहा किसानों का आंदोलन पहले से गैर राजनीति रहा है और आगे भी गैर राजनीतिक ही रहेगा। उन्होंने कहा सभी लोगों को मिलकर अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकार के साथ लड़ाई को लड़ना है। उन्होंने मांग की कि सेब का न्यूनतम समर्थन मूल्य जल्द निर्धारित किया जाए।
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कश्मीर की तर्ज पर सेब का समर्थन मूल्य ग्रेड के आधार पर तय होना चाहिए। सेब के पैकिंग मैटीरियल, खादों और दवाइयों सहित अन्य उपकरणों को जीएसटी मुक्त किया जाए। कार्टन ट्रे के दामों को नियंत्रण में रखा जाए। एचपीएमसी हिमफेड द्वारा खरीदे गए सेब का बागवानों को नकद भुगतान किया जाए, किसानों के केसीसी लोन माफ किए जाएं, ओलावृष्टि से प्रभावितों को शीघ्र मुआवजे का प्रावधान हो और सेब की खरीद को क्रेट में खरीदने की व्यवस्था की जाए।
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एसडीएम सन्नी शर्मा ने किसानों और बागवानों को आश्वासन दिया कि उपमंडल स्तर की मांगों का सभी के सहयोग से समाधान किया जाएगा। इसके बाद रणनीति तैयार करने के लिए संयुक्त किसान मोर्चा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की बैठक सर्किट हाउस आयोजित हुई।