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प्रशासनिक निर्देशों पर भारी पड़ी देव आस्था
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रामपुर बुशहर। कोरोना वायरस का हवाला देकर दशकों पुरानी देव आस्था को स्थगित करने का भले ही स्थानीय प्रशासन ने निर्णय लिया हो, लेकिन प्रशासन के निर्देशों पर देव आस्था भारी पड़ी है। स्थानीय प्रशासन के निर्देशों के कारण जिलास्तरीय फाग मेले में आए दर्जनों व्यापारी अभी भी मायूस हैं। कमेटी ने मेले के आयोजन को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली थीं लेकिन स्थानीय प्रशासन के आनन फानन में मेले को स्थगित करने के फैसले से व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ा है।
रामपुर में चार दिवसीय जिला स्तरीय फाग मेला शुरू हो गया है, लेकिन मेले के दौरान चलने वाला व्यापार अभी तक सज भी नहीं पाया है। स्थानीय प्रशासन के देरी से लिए गए निर्देश के चलते देवी देवताओं के कार कारिंदों, मेला कमेटी, व्यापारियों और मेले में आने वाले हजारों लोगों को निराशा हाथ लगी है। भले ही मेले में देवी-देवता पहुंच गए हों लेकिन व्यापारियों की दुकानें न सजने के चलते मेला भी फीका ही नजर आ रहा है। व्यापारी वर्ग परेशान है कि दुकानें सजाएं या फिर नहीं। प्रशासन ने दुकानें न सजाने के निर्देश दिए हैं लेकिन व्यापारी अभी भी टकटकी लगाए बैठें हैं कि दुकानें सजाएं या फिर वापस चले जाएं। हालांकि इस बारे में जिला प्रशासन को कोई भी खोज खबर नहीं है। जिला प्रशासन के अनुसार मेले को स्थगित करने या फिर व्यापारियों को दुकानें सजाने के बारे में कोई जानकारी नहीं है। ऐसे में सवाल उठता है कि स्थानीय प्रशासन ने पुलिस, नगर परिषद के साथ बैठक कर मेला स्थगित करने के निर्देश कैसे जारी कर दिए।
बुधवार को व्यापारियों रोहित, राहुल, मुन्ना, अजय, रमेश लवनीश, चित्रा देवी, जगदेव सहित अन्य ने बताया कि मेले में दुकानें सजाने को लेकर स्थिति साफ नहीं हो पाई है। कुछ व्यापारी मेले से वापस भी जा चुके हैं। हालांकि मेले से पहले स्टॉल सजाने को लेकर सारा सामान भी पहुंच चुका था और व्यापरियों से नगर परिषद ने राशि वसूली थी लेकिन अब तक दुकानें सजाने को लेकर प्रशासन ने कोई भी निर्देश जारी नहीं किए हैं। अगली स्थिति वीरवार को ही स्पष्ट हो पाएगी। उधर, जब एसडीएम रामपुर से इस बारे में कोई जवाब नहीं मिला।
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उपायुक्त शिमला अमित कश्यप ने बताया कि जिला स्तरीयफाग मेले के आयोजन या फिर इसे स्थगित करने को लेकर प्रशासन ने कोई निर्देश नहीं दिए हैं। मेले में दुकानें सजाने को लेकर स्थानीय प्रशासन ही बता सकता है।
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रामपुर में चार दिवसीय जिला स्तरीय फाग मेला शुरू हो गया है, लेकिन मेले के दौरान चलने वाला व्यापार अभी तक सज भी नहीं पाया है। स्थानीय प्रशासन के देरी से लिए गए निर्देश के चलते देवी देवताओं के कार कारिंदों, मेला कमेटी, व्यापारियों और मेले में आने वाले हजारों लोगों को निराशा हाथ लगी है। भले ही मेले में देवी-देवता पहुंच गए हों लेकिन व्यापारियों की दुकानें न सजने के चलते मेला भी फीका ही नजर आ रहा है। व्यापारी वर्ग परेशान है कि दुकानें सजाएं या फिर नहीं। प्रशासन ने दुकानें न सजाने के निर्देश दिए हैं लेकिन व्यापारी अभी भी टकटकी लगाए बैठें हैं कि दुकानें सजाएं या फिर वापस चले जाएं। हालांकि इस बारे में जिला प्रशासन को कोई भी खोज खबर नहीं है। जिला प्रशासन के अनुसार मेले को स्थगित करने या फिर व्यापारियों को दुकानें सजाने के बारे में कोई जानकारी नहीं है। ऐसे में सवाल उठता है कि स्थानीय प्रशासन ने पुलिस, नगर परिषद के साथ बैठक कर मेला स्थगित करने के निर्देश कैसे जारी कर दिए।
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बुधवार को व्यापारियों रोहित, राहुल, मुन्ना, अजय, रमेश लवनीश, चित्रा देवी, जगदेव सहित अन्य ने बताया कि मेले में दुकानें सजाने को लेकर स्थिति साफ नहीं हो पाई है। कुछ व्यापारी मेले से वापस भी जा चुके हैं। हालांकि मेले से पहले स्टॉल सजाने को लेकर सारा सामान भी पहुंच चुका था और व्यापरियों से नगर परिषद ने राशि वसूली थी लेकिन अब तक दुकानें सजाने को लेकर प्रशासन ने कोई भी निर्देश जारी नहीं किए हैं। अगली स्थिति वीरवार को ही स्पष्ट हो पाएगी। उधर, जब एसडीएम रामपुर से इस बारे में कोई जवाब नहीं मिला।
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उपायुक्त शिमला अमित कश्यप ने बताया कि जिला स्तरीयफाग मेले के आयोजन या फिर इसे स्थगित करने को लेकर प्रशासन ने कोई निर्देश नहीं दिए हैं। मेले में दुकानें सजाने को लेकर स्थानीय प्रशासन ही बता सकता है।