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दसवीं कक्षा का परीक्षा परिणाम शून्य रहने पर मांगा जाएगा स्पष्टीकरण : बिष्ट
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रिकांगपिओ (किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर में दसवीं कक्षा का परीक्षा परिणाम शून्य रहने पर शिक्षा विभाग ने कड़ा संज्ञान लिया है। जिन स्कूलों में परीक्षा परिणाम अच्छा नहीं रहा है, उनसे स्पष्टीकरण मांगा जाएगा और सरकार के आदेशानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। वहीं, शिक्षा का स्तर गिरने पर अभिभावक भी खफा हैं।
गौरतलब है कि हाल ही में घोषित दसवीं कक्षा के परीक्षा परिणाम में किन्नौर जिले के कई स्कूल फिसड्डी साबित हुए हैं। आलम यह है कि कई स्कूलों में तो परिणाम शून्य रहा है। किन्नौर में कई स्कूलों में शिक्षकों का ज्यादा स्टाफ है तो कई स्कूलों में शिक्षकों का टोटा। इसको लेकर अभिभावक भी अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। किन्नौर में दो स्कूल जहां दसवीं कक्षा की परीक्षा परिणाम में खाते भी नहीं खोल पाए, वहीं 11 स्कूलों का परीक्षा परिणाम शत प्रतिशत रहा है। इनमें आसरंग, चांगो, छितकुल, लिप्पा, नाको, नेसंग, रकछम, सांगला, टापरी, शिवालिक, सांगला और जिंदल विद्या शोल्तू स्कूल शामिल हैं। इसी तरह सापनी, निचार, बारंग, गुरुकुल पब्लिक स्कूल सांगला, निगुलसरी, लियो, छोटा कंबा, शोंग, तंगलिंग स्कूल का परीक्षा परिणाम 80 से 92 प्रतिशत रहा है। जिले में प्रधानाचार्य के 32 पद स्वीकृत हैं, जबकि वर्तमान में 18 पद खाली चल रहे हैं। मुख्याध्यापक के 20 पदों में से आठ पद खाली पड़े हैं। उधर, शिक्षा विभाग के उपनिदेशक पदम बिष्ट ने बताया कि जिन स्कूलों का परीक्षा परिणाम अच्छा नहीं रहा है, उनसे कारण बताओ स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। सरकार के आदेशानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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गौरतलब है कि हाल ही में घोषित दसवीं कक्षा के परीक्षा परिणाम में किन्नौर जिले के कई स्कूल फिसड्डी साबित हुए हैं। आलम यह है कि कई स्कूलों में तो परिणाम शून्य रहा है। किन्नौर में कई स्कूलों में शिक्षकों का ज्यादा स्टाफ है तो कई स्कूलों में शिक्षकों का टोटा। इसको लेकर अभिभावक भी अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। किन्नौर में दो स्कूल जहां दसवीं कक्षा की परीक्षा परिणाम में खाते भी नहीं खोल पाए, वहीं 11 स्कूलों का परीक्षा परिणाम शत प्रतिशत रहा है। इनमें आसरंग, चांगो, छितकुल, लिप्पा, नाको, नेसंग, रकछम, सांगला, टापरी, शिवालिक, सांगला और जिंदल विद्या शोल्तू स्कूल शामिल हैं। इसी तरह सापनी, निचार, बारंग, गुरुकुल पब्लिक स्कूल सांगला, निगुलसरी, लियो, छोटा कंबा, शोंग, तंगलिंग स्कूल का परीक्षा परिणाम 80 से 92 प्रतिशत रहा है। जिले में प्रधानाचार्य के 32 पद स्वीकृत हैं, जबकि वर्तमान में 18 पद खाली चल रहे हैं। मुख्याध्यापक के 20 पदों में से आठ पद खाली पड़े हैं। उधर, शिक्षा विभाग के उपनिदेशक पदम बिष्ट ने बताया कि जिन स्कूलों का परीक्षा परिणाम अच्छा नहीं रहा है, उनसे कारण बताओ स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। सरकार के आदेशानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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