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दत्तनगर मिल्क प्लांट के बाहर गरजे हजारों दुग्ध उत्पादक
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संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। हिमाचल दुग्ध उत्पादक संघ रामपुर के हजारों सदस्यों ने सोमवार को दत्तनगर स्थित मिल्क प्लांट के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया। पशुपालकों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उनकी समस्याओं को दूर करने की गुहार लगाई।
सोमवार को दुग्ध उत्पादक संघ ने दुग्ध संयंत्र केंद्र दत्तनगर में विरोध प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन में क्षेत्र के हजारों पशु पालकों ने भाग लिया जिनमें महिलाओं की संख्या काफी अधिक रही। संघ ने मिल्क प्लांट के प्रबंधक के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेज उनकी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की। ज्ञापन से कहा कि प्रदेश की 90 प्रतिशत आबादी गांव में रहती है।
कृषि, बागवानी यहां का मुख्य पेशा है जिसके साथ अनुपूरक आजीविका के तौर पर पशुपालन भी करते हैं लेकिन कई क्षेत्रों में पशुपालन ही लोगों का व्यवसाय और जीविकोपार्जन का साधन है। उन्होंने चिंता जताई कि पशुपालन और पशुपालक आज भी हाशिए पर है और सरकार की प्राथमिकताओं में नहीं आते हैं। यह एक उपेक्षित क्षेत्र है।
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दुग्ध उत्पादन और दुधारू पशुओं से संबंधित समस्याओं की सुनवाई न के बराबर है। हिमाचल दुग्ध उत्पादक संघ ने दूध का न्यूनतम समर्थन मूल्य 40 रुपये प्रति लीटर करने, दूध की पेमेंट हर महीने 10 तारीख से पहले देने, किसानों को पशुपालन के लिए प्रोत्साहित करने के लिए फीड और पशु आहार को अनुदान पर देने और सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत उपलब्ध करवाने, सभी दुग्ध सोसायटियों में दूध की गुणवत्ता मापने की मशीन उपलब्ध करवाने, दूध एकत्रीकरण के लिए ब्लॉक स्तर पर नए कलेक्शन सेंटर खोलने, दुधारू पशुओं के कृत्रिम गर्भाधान के लिए पशु औषधालय में उन्नत किस्म के वीर्य तकनीक व दवाएं उपलब्ध करवाने, पशु औषधालयों में रिक्त पदों को भरने और मिल्क फेडरेशन के लिए 50 करोड़ से अधिक के बजट का प्रावधान करने, नोगली व कोटलू में चिलिंग प्लांट खोलने, सोसायटी के सचिवों का प्रशिक्षण समय-समय पर करने और मिल्क व चिलिंग प्लांट में दूध का नापतोल सही तरीके से करने की मांग की है। इस मौके पर राज्य दुग्ध उत्पादक संघ के राज्याध्यक्ष कुलदीप सिंह तनवर, देवकी नंद, दिनेश मेहता, जीवन मौजूद रहे। - संवाद
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रामपुर बुशहर। हिमाचल दुग्ध उत्पादक संघ रामपुर के हजारों सदस्यों ने सोमवार को दत्तनगर स्थित मिल्क प्लांट के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया। पशुपालकों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उनकी समस्याओं को दूर करने की गुहार लगाई।
सोमवार को दुग्ध उत्पादक संघ ने दुग्ध संयंत्र केंद्र दत्तनगर में विरोध प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन में क्षेत्र के हजारों पशु पालकों ने भाग लिया जिनमें महिलाओं की संख्या काफी अधिक रही। संघ ने मिल्क प्लांट के प्रबंधक के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेज उनकी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की। ज्ञापन से कहा कि प्रदेश की 90 प्रतिशत आबादी गांव में रहती है।
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कृषि, बागवानी यहां का मुख्य पेशा है जिसके साथ अनुपूरक आजीविका के तौर पर पशुपालन भी करते हैं लेकिन कई क्षेत्रों में पशुपालन ही लोगों का व्यवसाय और जीविकोपार्जन का साधन है। उन्होंने चिंता जताई कि पशुपालन और पशुपालक आज भी हाशिए पर है और सरकार की प्राथमिकताओं में नहीं आते हैं। यह एक उपेक्षित क्षेत्र है।
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दुग्ध उत्पादन और दुधारू पशुओं से संबंधित समस्याओं की सुनवाई न के बराबर है। हिमाचल दुग्ध उत्पादक संघ ने दूध का न्यूनतम समर्थन मूल्य 40 रुपये प्रति लीटर करने, दूध की पेमेंट हर महीने 10 तारीख से पहले देने, किसानों को पशुपालन के लिए प्रोत्साहित करने के लिए फीड और पशु आहार को अनुदान पर देने और सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत उपलब्ध करवाने, सभी दुग्ध सोसायटियों में दूध की गुणवत्ता मापने की मशीन उपलब्ध करवाने, दूध एकत्रीकरण के लिए ब्लॉक स्तर पर नए कलेक्शन सेंटर खोलने, दुधारू पशुओं के कृत्रिम गर्भाधान के लिए पशु औषधालय में उन्नत किस्म के वीर्य तकनीक व दवाएं उपलब्ध करवाने, पशु औषधालयों में रिक्त पदों को भरने और मिल्क फेडरेशन के लिए 50 करोड़ से अधिक के बजट का प्रावधान करने, नोगली व कोटलू में चिलिंग प्लांट खोलने, सोसायटी के सचिवों का प्रशिक्षण समय-समय पर करने और मिल्क व चिलिंग प्लांट में दूध का नापतोल सही तरीके से करने की मांग की है। इस मौके पर राज्य दुग्ध उत्पादक संघ के राज्याध्यक्ष कुलदीप सिंह तनवर, देवकी नंद, दिनेश मेहता, जीवन मौजूद रहे। - संवाद