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Rampur Bushahar News: शलौटा में गहराई पेयजल किल्लत, डेढ़ किमी से ढोना पड़ रहा
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20 दिन से पेयजल को तरसे ग्रामीण, रोजमर्रा के काम प्रभावित, पशुपालन भी मुश्किल
संवाद न्यूज एजेंसी
कुमारसैन (रामपुर बुशहर)। उपमंडल की शलौटा पंचायत के दारो, दलाणी सहित आसपास के गांवों के लोग भीषण पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। पेयजल आपूर्ति ठप होने से ग्रामीणों में जल शक्ति विभाग के प्रति रोष है। हालात ऐसे हैं कि लोगों को गांव से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर जलस्रोत से पीठ पर पानी ढोकर लाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले 20 दिनों से पेयजल आपूर्ति बाधित है।
इन गांवों के 150 से अधिक ग्रामीण लंबे समय से पेयजल किल्लत झेल रहे हैं। उनका कहना है कि जल शक्ति विभाग की लापरवाही के कारण समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है, लेकिन शिकायतों के बावजूद अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया है। स्थानीय निवासी अतुल, सोनू, अज्जू, मोहन दास ने बताया कि गांव में नियमित पेयजल आपूर्ति नहीं हो रही है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि कई बार 15 से 20 दिन बाद पानी मिलता है। कई अवसरों पर तीन-तीन सप्ताह तक पानी का इंतजार करना पड़ता है। इससे न केवल पेयजल की समस्या पैदा हो रही है, बल्कि दैनिक घरेलू कार्य भी बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि मजबूरी में उन्हें गांव से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर स्थित प्राकृतिक जलस्रोत से पीठ पर पानी लाना पड़ रहा है। यह कार्य कठिन होने के साथ-साथ काफी समय लेने वाला भी है, जिससे लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है।
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पानी की कमी का असर पशुपालकों पर भी पड़ रहा है। पशुओं के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं होने से उनकी देखभाल में दिक्कतें आ रही हैं। कई परिवारों की आजीविका पशुपालन पर निर्भर है और जल संकट का सीधा असर उनकी आय पर भी पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या को लेकर वे विधायक और जल शक्ति विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को कई बार लिखित शिकायत दे चुके हैं। इसके बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने खराब पेयजल योजनाओं की शीघ्र मरम्मत, पाइप लाइनों की जांच तथा जलापूर्ति व्यवस्था को नियमित करने की मांग की है। साथ ही समस्या का स्थायी समाधान करने की भी मांग उठाई है।
जल शक्ति विभाग के कनिष्ठ अभियंता प्रदीप कुमार ने कहा कि ग्रामीणों की पेयजल समस्या के समाधान के लिए कार्रवाई की जा रही है। जल्द ही क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति सुचारू कर दी जाएगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुमारसैन (रामपुर बुशहर)। उपमंडल की शलौटा पंचायत के दारो, दलाणी सहित आसपास के गांवों के लोग भीषण पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। पेयजल आपूर्ति ठप होने से ग्रामीणों में जल शक्ति विभाग के प्रति रोष है। हालात ऐसे हैं कि लोगों को गांव से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर जलस्रोत से पीठ पर पानी ढोकर लाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले 20 दिनों से पेयजल आपूर्ति बाधित है।
इन गांवों के 150 से अधिक ग्रामीण लंबे समय से पेयजल किल्लत झेल रहे हैं। उनका कहना है कि जल शक्ति विभाग की लापरवाही के कारण समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है, लेकिन शिकायतों के बावजूद अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया है। स्थानीय निवासी अतुल, सोनू, अज्जू, मोहन दास ने बताया कि गांव में नियमित पेयजल आपूर्ति नहीं हो रही है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि कई बार 15 से 20 दिन बाद पानी मिलता है। कई अवसरों पर तीन-तीन सप्ताह तक पानी का इंतजार करना पड़ता है। इससे न केवल पेयजल की समस्या पैदा हो रही है, बल्कि दैनिक घरेलू कार्य भी बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।
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ग्रामीणों ने बताया कि मजबूरी में उन्हें गांव से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर स्थित प्राकृतिक जलस्रोत से पीठ पर पानी लाना पड़ रहा है। यह कार्य कठिन होने के साथ-साथ काफी समय लेने वाला भी है, जिससे लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है।
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पानी की कमी का असर पशुपालकों पर भी पड़ रहा है। पशुओं के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं होने से उनकी देखभाल में दिक्कतें आ रही हैं। कई परिवारों की आजीविका पशुपालन पर निर्भर है और जल संकट का सीधा असर उनकी आय पर भी पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या को लेकर वे विधायक और जल शक्ति विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को कई बार लिखित शिकायत दे चुके हैं। इसके बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने खराब पेयजल योजनाओं की शीघ्र मरम्मत, पाइप लाइनों की जांच तथा जलापूर्ति व्यवस्था को नियमित करने की मांग की है। साथ ही समस्या का स्थायी समाधान करने की भी मांग उठाई है।
जल शक्ति विभाग के कनिष्ठ अभियंता प्रदीप कुमार ने कहा कि ग्रामीणों की पेयजल समस्या के समाधान के लिए कार्रवाई की जा रही है। जल्द ही क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति सुचारू कर दी जाएगी।