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Rampur Bushahar News: आनी में पारंपरिक धोगी मेला शुरू
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पारम्परिक धोगी मेला में क्षेत्र के आराध्य गढ़पति देवता शमशरी महादेव शरीक होते हुए
- फोटो : RAMPUR-HP
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आनी (कुल्लू)। आनी उपमंडल के धोगी गांव में बुधवार को देवताओं के आगमन के साथ ही धोगी मेला शुरू हो गया है। वीरवार को आउटर सराज के अधिष्ठाता देव शमशरी महादेव के पहुंचने पर क्षेत्र के लोगों ने जगह-जगह फूल मालाओं के साथ उनका स्वागत किया।
वहीं टौणा नाग भी देवलुओं सहित धोगी पहुंचे। इस दौरान लोगों ने देवताओं से सुख समृद्धि का आशीर्वाद मांगा। इस दौरान लोग देव नृत्य के गवाह भी बनें। धोगी दिवाली सदियों से मनाई जा रही है, जिसका विशेष महत्व है। वेदों के अनुसार बूढ़ी दिवाली मार्गशीर्ष की कृष्ण अमावस्या को मनाई जाती है।
ग्राम पंचायत च्वाई, शिल्ली, बखनाओं, देऊठी और बुच्छैर के हजारों लोग इसमें भाग लेते हैं। बुधवार को रात्रि के समय पारंपरिक वाद्ययंत्रों और देवताओं के साथ देवलू क्षेत्र की सुख-समृद्धि के लिए मशालें जलाकर मंदिर की परिक्रमा करके अंधकार को दूर करते हैं। स्थानीय सांस्कृतिक दल पारंपरिक परिधानों में प्रस्तुति देगा। इस दौरान बगड़ी की बना घास का बांड भी नचाया जाएगा। इसके साथ ही देव-दानव युद्ध का दृश्य भी देखने को मिलेगा।
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वहीं टौणा नाग भी देवलुओं सहित धोगी पहुंचे। इस दौरान लोगों ने देवताओं से सुख समृद्धि का आशीर्वाद मांगा। इस दौरान लोग देव नृत्य के गवाह भी बनें। धोगी दिवाली सदियों से मनाई जा रही है, जिसका विशेष महत्व है। वेदों के अनुसार बूढ़ी दिवाली मार्गशीर्ष की कृष्ण अमावस्या को मनाई जाती है।
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ग्राम पंचायत च्वाई, शिल्ली, बखनाओं, देऊठी और बुच्छैर के हजारों लोग इसमें भाग लेते हैं। बुधवार को रात्रि के समय पारंपरिक वाद्ययंत्रों और देवताओं के साथ देवलू क्षेत्र की सुख-समृद्धि के लिए मशालें जलाकर मंदिर की परिक्रमा करके अंधकार को दूर करते हैं। स्थानीय सांस्कृतिक दल पारंपरिक परिधानों में प्रस्तुति देगा। इस दौरान बगड़ी की बना घास का बांड भी नचाया जाएगा। इसके साथ ही देव-दानव युद्ध का दृश्य भी देखने को मिलेगा।

निरमंड में बूढ़ी दिवाली मेले में भूतेश्वर महादेव की शोभायात्रा में शामिल लोग।
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