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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Rampur Bushahar News ›   Demand to stop illegal mining in Powari

Rampur Bushahar News: पोवारी में अवैध खनन पर रोक लगाने की मांग

Thu, 12 Dec 2024 11:49 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 12 Dec 2024 11:49 PM IST
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ग्रामीणों ने कार्यवाहक उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन, आरोप- निजी कंपनी धड़ल्ले से कर रही खनन, बाहरी लोगों को रेत बेचकर कर रही कमाई
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संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर में अवैध खनन का काफी बोलबाला चल रहा है। खनन विभाग में रिक्त पड़े पदाें के कारण जिले में अवैध खनन माफिया सक्रिय है और खनन का कार्य लगातार चल रहा है। पोवारी पंचायत के प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने पोवारी में निजी कंपनी पर अवैध खनन करने के आरोप लगाए हैं। उन्हाेंने उपायुक्त किन्नौर को ज्ञापन सौंपकर खनन रुकवाने और अवैध खनन करने वालों पर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। कल्पा खंड की पोवारी पंचायत के प्रधान भूपेंद्र सिंह नेगी की अध्यक्षता में पोवारी के ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल वीरवार को कार्यवाहक उपायुक्त डॉ. शशांक गुप्ता से मिला। ग्रामीणाें ने ज्ञापन के माध्यम से अवैध खनन पर रोक लगाने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि उप माेहाल पोवारी में खसरा नंबर 387, 854 और 823/1 में पटेल कंपनी के ठेकेदारों की ओर से अवैध खनन किया जा रहा है। पटेल कंपनी की ओर से इसे बेचा जा रहा है। एनएच-पांच शौंगटोंग पुल के पास, बारंग चेक, पोवारी, पूरवनी और रिकांगपिओ तक रेत के ढेर लगाकर बाहरी लोगों को बेचा जा रहा है। उन्होंने से जिला प्रशासन से तत्काल से अवैध खनन को बंद करने और जगह-जगह लगाए रेत के ढेरों को सील करने की मांग उठाई है। उन्होंने खनन माफिया पर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। इस मौके पर पोवारी पंचायत उप प्रधान भूपेश नेगी, विकास कमेटी अध्यक्ष शिवराम, वन अधिकार समिति अध्यक्ष महेंद्र सिंह नेगी, सदस्य बलदेव सिंह नेगी, जीतराम, सोहन कुमार, लफन चंद, दुर्गा चंद सहित अन्य मौजूद रहे।

जिले में पर्याप्त अधिकारी और कर्मचारी नहीं
्जिला किन्नौर खनन अधिकारी का अतिरिक्त कार्यभार संभाले रूप लाल नेगी ने कहा कि मामला अभी उनके संज्ञान में आया है। इस पर कार्रवाई की जाएगी। खनन माफिया पर लगाम लगाने के लिए जिले में पर्याप्त अधिकारी और कर्मचारी नहीं हैं। बीते चार वर्ष से जिला खनन अधिकारी का पद रिक्त पड़ा है और सहायक खनन अधिकारी का पद भी कई साल से खाली है। कार्यालय में सिर्फ एक खनन इंस्पेक्टर और खनन रक्षक ही काम कर रहे हैं। ऑफिस का सारा काम ये दो कर्मचारी ही करते हैं, फिर भी इनकी अगुवाई में पुलिस विभाग के साथ मिलकर अप्रैल से अभी तक अवैध खनन मामले में 111 चालान किए हैं और सरकारी खजाने में साढ़े तीन लाख रुपये का राजस्व जमा किया है।
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