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नारा लेखन प्रतियोगिता में अंजुम रही प्रथम
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रिकांगपिओ (किन्नौर)। प्रदेश सरकार द्वारा मादक द्रव्य पदार्थों के सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों बारे विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत बुधवार को किन्नौर जिला के केंद्रीय विद्यालय रिकांगपिओ में नारा लेखन, चित्रकला और निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में स्कूल के 120 बच्चों ने अपनी प्रतिभा दिखाई।
नारा लेखन प्रतियोगिता में अंजुम ने पहले स्थान पर बाजी मारी। अंकित नेगी ने दूसरा और विनिता ने तीसरा स्थान झटका। चित्रकला में मुस्कान ठाकुर ने प्रथम, श्रेयाशी द्वितीय और संगे लामा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। निबंध लेखन में पुनीत शर्मा प्रथम, विशाखा नेगी द्वितीय और आस्था ने तृतीय स्थान हासिल किया। जिला लोक संपर्क अधिकारी नरेंद्र शर्मा ने सभी विजेता प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा नशा निवारण जागरूकता अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को नशीले पदार्थों और द्रव्यों के सेवन से पड़ने वाले दुष्प्रभावों के बारे जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि नशे के सेवन से जहां व्यक्ति विशेष को अनेक बीमारियां जकड़ लेती हैं, वहीं परिवार और समाज पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है। नशा खोरी आज एक सामाजिक समस्या बन कर उभरी है, जिसका समाज के सभी वर्गों के सामूहिक सहयोग से ही खात्मा किया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे नशे के दुष्प्रभावों के बारे में औरों को भी जागरूक करें और स्वयं भी इससे दूर रहें। इस मौके पर स्कूल प्रवक्ता देव चंद सिंह, मुकेश कुमार, रंजना देवी सहित कई अन्य शिक्षक मौजूद रहे।
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नारा लेखन प्रतियोगिता में अंजुम ने पहले स्थान पर बाजी मारी। अंकित नेगी ने दूसरा और विनिता ने तीसरा स्थान झटका। चित्रकला में मुस्कान ठाकुर ने प्रथम, श्रेयाशी द्वितीय और संगे लामा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। निबंध लेखन में पुनीत शर्मा प्रथम, विशाखा नेगी द्वितीय और आस्था ने तृतीय स्थान हासिल किया। जिला लोक संपर्क अधिकारी नरेंद्र शर्मा ने सभी विजेता प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा नशा निवारण जागरूकता अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को नशीले पदार्थों और द्रव्यों के सेवन से पड़ने वाले दुष्प्रभावों के बारे जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि नशे के सेवन से जहां व्यक्ति विशेष को अनेक बीमारियां जकड़ लेती हैं, वहीं परिवार और समाज पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है। नशा खोरी आज एक सामाजिक समस्या बन कर उभरी है, जिसका समाज के सभी वर्गों के सामूहिक सहयोग से ही खात्मा किया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे नशे के दुष्प्रभावों के बारे में औरों को भी जागरूक करें और स्वयं भी इससे दूर रहें। इस मौके पर स्कूल प्रवक्ता देव चंद सिंह, मुकेश कुमार, रंजना देवी सहित कई अन्य शिक्षक मौजूद रहे।
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