फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Rampur Bushahar News ›   cultural activity

राजपूत बिरादरी बधान ने जीता खीला उत्सव

Wed, 30 Oct 2019 07:18 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 30 Oct 2019 07:18 PM IST
विज्ञापन
cultural activity
बटेवडी के खीला उत्सव में पहुंचे लोग। - फोटो : RAMPUR-HP
चौपाल (रोहड़ू)। तहसील चौपाल की ग्राम पंचायत देवत के तहत ग्राम बटेवड़ी में धार्मिक उत्सव ‘खीला’ धूमधाम से मनाया गया। इस साल खील्ला उत्सव में बधान की राजपूत बिरादरी विजेता रही। पौराणिक परंपराओं अनुसार हर साल दीपावली के तीसरे दिन उत्सव आयोजित किया जाता है।
विज्ञापन

देवत के बटेवडी गांव में इस बार भी केदारी कुला देवता बटेवड़ी की उपस्थिति में ढोल नगाड़ों के साथ उत्सव का आयोजन किया गया। उत्सव में विभिन्न क्षेत्रों के हजारों लोगों ने भाग लिया। उत्सव में चंदान ब्राह्मण और बधान राजपूत बिरादरी के लोग नृत्य के साथ-साथ युद्ध अभिनय कर एक-दूसरे को पराजित करते हैं। लोक नृत्य के बाद एक आधा फीट की लकड़ी जमीन में गाढ़ी जाती है। मंदिर से देवता महाराज की पालकी की पदयात्रा के बाद जमीन में गाढ़ी गई लकड़ी जिसे स्थानीय भाषा में खीला कहते हैं, उस पर देवता की पालकी को रखा जाता है। इसके बाद ब्राह्मण जाति के लोग जिन्हें चंदान और राजपूत जाति के लोग जिन्हें बधान कहा जाता है, दोनों समुदाय के लोग एकत्र होकर उस लकड़ी के डंडे को खींचते हैं। इस खींचतान के समय कई बार दो-दो किलोमीटर तक चले जाते हैं। इस वर्ष दूसरी बार बधान राजपूत समुदाय ने जोर आजमाइश के बाद खीला खिंचकर जीत दर्ज की। इस परंपरा के साथ बटेवड़ी का खिला उत्सव संपन हो गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed