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चैक बांउस होने पर न्यायाल ने सुनाई छह महिने साधारण कारावास की सजा
Updated Thu, 04 Jan 2018 09:19 PM IST
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चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय
- फोटो : file photo
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अमर उजाला ब्यूरो
रोहडू। चेक बाउंस होने पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए उसे छह माह की साधारण कारावास की सजा सुनाई है। दोषी को मूल राशि ब्याज सहित लौटाने के आदेश किए हैं। फैसला वीरवार को एसीजेएम रमणीक शर्मा की अदालत ने सुनाया है।
जानकारी के मुताबिक सीमा गांव निवासी रोशन बांष्टू ने न्यायालय में आरोप पत्र दायर किया था कि बलसा गांव निवासी दलीप सिंह ठाकुर ने वर्ष 2015 में एक लाख रुपये की राशि उनसे उधार मांगी थी। इसकी एवज में दलीप सिंह ठाकुर ने 30 सितंबर 2015 को पोस्ट डेट चेक दिया था। रोशन बांष्टू ने 17 नवंबर 2015 को चेक दलीप ठाकुर के बैंक खाते में निकासी के लिए लगाया तो खाते में रुपये न होने के कारण चेक बाउंस हो गया। उसके बाद रोशन बांष्टू की ओर से दलीप ठाकुर के खिलाफ न्यायालय में धोखाधड़ी का मामला दायर करवाया गया। न्यायालय ने सभी पक्षों को सुनने के बाद दलीप ठाकुर को मामले में दोषी ठहराया है। जिला सहायक न्यायवादी चंद्रसागर नेगी ने बताया कि एसीजेएम रमणीक शर्मा ने दोषी को एक लाख रुपये के साथ चालीस हजार रुपये ब्याज के तौर पर भुगतान करने और छह माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई है।
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रोहडू। चेक बाउंस होने पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए उसे छह माह की साधारण कारावास की सजा सुनाई है। दोषी को मूल राशि ब्याज सहित लौटाने के आदेश किए हैं। फैसला वीरवार को एसीजेएम रमणीक शर्मा की अदालत ने सुनाया है।
जानकारी के मुताबिक सीमा गांव निवासी रोशन बांष्टू ने न्यायालय में आरोप पत्र दायर किया था कि बलसा गांव निवासी दलीप सिंह ठाकुर ने वर्ष 2015 में एक लाख रुपये की राशि उनसे उधार मांगी थी। इसकी एवज में दलीप सिंह ठाकुर ने 30 सितंबर 2015 को पोस्ट डेट चेक दिया था। रोशन बांष्टू ने 17 नवंबर 2015 को चेक दलीप ठाकुर के बैंक खाते में निकासी के लिए लगाया तो खाते में रुपये न होने के कारण चेक बाउंस हो गया। उसके बाद रोशन बांष्टू की ओर से दलीप ठाकुर के खिलाफ न्यायालय में धोखाधड़ी का मामला दायर करवाया गया। न्यायालय ने सभी पक्षों को सुनने के बाद दलीप ठाकुर को मामले में दोषी ठहराया है। जिला सहायक न्यायवादी चंद्रसागर नेगी ने बताया कि एसीजेएम रमणीक शर्मा ने दोषी को एक लाख रुपये के साथ चालीस हजार रुपये ब्याज के तौर पर भुगतान करने और छह माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई है।
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