{"_id":"5a16b84a4f1c1b87698bd4d0","slug":"191511438410-rampur-bushahar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"खनेरी अस्पताल में नहीं लग रहे ईमिनो ग्लोबुलीन के इंजेक्शन","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
खनेरी अस्पताल में नहीं लग रहे ईमिनो ग्लोबुलीन के इंजेक्शन
Updated Thu, 23 Nov 2017 07:05 PM IST
विज्ञापन
सुभाष सेन
विज्ञापन
रामपुर बुशहर।
चार जिलों को स्वास्थ्य सेवाएं देने वाले महात्मा गांधी अस्पताल खनेरी में ईमिनो ग्लोबुलीन के इंजेक्शन नहीं मिल रहे हैं। इसके कारण भालू और अन्य जंगली जानवरों के हमले के घायलों को रामपुर से आईजीएमसी शिमला रेफर किया जा रहा है। ये इंजेक्शन घायल के जख्मों पर लगाया जाता है।
रामपुर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों भालुओं के हमलों से लोगों में खौफ बना हुआ है। ऐसे में अस्पताल पहुंचने पर जख्मी लोगों को इंजेक्शन की सुविधा नहीं मिल रही। ग्रामीण क्षेत्रों में बार-बार हो रहे जंगली जानवरों के हमलों के बाद भी स्वास्थ्य विभाग और सरकार घायलों को खनेरी अस्पताल में ईमिनो ग्लोबुलीन की सप्लाई देने में नाकाम साबित हो रहे हैं।
विज्ञापन
वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार हर वर्ष ग्रामीण क्षेत्रों में तीन से पांच या फिर इससे भी अधिक लोग भालुओं के हमले से जख्मी होकर अस्पताल आ रहे हैं। भालू के हमलों में शिकार होने वाले लोगों के शरीर का मांस ही लटक जाता है या फिर मांस शरीर में बचता ही नहीं। ऐसे में ईमिनो ग्लोबुलीन का इंजेक्शन लगाना बहुत आवश्यक हो जाता है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ईमिनो ग्लोबुलीन के इंजेक्शन की आपूर्ति करने में विफल साबित हो रहा है।
विज्ञापन
जंगली जानवरों के पंजों से लहूलुहान व्यक्ति को यदि समय रहते यह इंजेक्शन नहीं लगाया जाता तो घाव और भी गंभीर हो जाता है। हालांकि खनेरी अस्पताल में ऐंटी रेबिज के टीके तो लगाए जा रहे हैं, लेकिन ईमिनो ग्लोबुलीन नहीं मिल रहा है। इस कारण घायलों को शिमला रेफर किया जा रहा है। यदि खनेरी अस्पताल में यह इंजेक्शन उपलब्ध हो तो घालयों को शिमला ले जाने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी।
पंचायत परिषद के प्रधान विरेंद्र भलूनी, किन्नू पंचायत प्रधान यशपाल चौहान, फांचा पंचायत प्रधान सबेर चंद कश्यप, नरैण पंचायत प्रधान नरेश चौहान, दरकाली पंचायत प्रधान शिरू राम डबरैही ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आए दिन भालुओं के हमलों में इजाफा हो रहा है। जब घायल मरीज को अस्पताल पहुंचाया जाता है तो यहां ईमिनो ग्लोबुलीन का इंजेक्शन नहीं मिल पाता, जिसके चलते ग्रामीणों को शिमला जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार और स्वास्थ्य विभाग से खनेरी अस्पताल में ईमिनो ग्लोबुलीन का इंजेक्शन जल्द से जल्द उपलब्ध करवाने की मांग की है।
खनेरी अस्पताल के एमएस सुनील शर्मा ने माना कि एमजीएमसी खनेरी में ईमिनो ग्लोबुलीन के इंजेक्शन उपलब्ध नहीं है। इंजेक्शन की सप्लाई शिमला से न आने कारण घायलों को शिमला भेजने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।