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झूठे दस्तावेज पेश कर ठेकेदारी का लाइसेंस पाने वाले को दो साल की कैद
Updated Sat, 30 Dec 2017 10:25 PM IST
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झूठे दस्तावेज पेश करने मामले में ठेकेदार को कैद
दोषी को दो साल के साधारण कारावास के साथ दस हजार जुर्माना
झूठे दस्तावेज से लिया था डी. क्लास ठेकेदारी का लाइसेंस
अमर उजाला ब्यूरो
आनी (कुल्लू)।
झूठे दस्तावेज पेश कर आईपीएच की ठेकेदारी का लाइसेंस लेने मामले में दोेषी एक ठेकेदार को प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी आनी विकास गुप्ता ने दो साल की साधारण जेल और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष की ओर से मामले की पैरवी अतिरिक्त जिला न्यायवादी पृथ्वी सिंह नेगी ने की। उन्होंने कहा कि नित्थर के शकरोली निवासी यशपाल पुत्र किशन सिंह ने वर्ष 1998-99 में खुद को आईआरडीपी सूची में पंचायत में दर्ज करवा रखा था। दोषी यशपाल ने आईपीएच के आनी डिवीजन में दिसंबर 1998 में ही पांच लाख की संपत्ति का मालिक होने का झूठा दस्तावेज देकर डी. क्लास ठेकेदारी का लाइसेंस पा लिया था। यह मामला आनी कोर्ट में विचाराधीन था। इस पर प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी आनी विकास गुप्ता ने यशपाल को आईपीसी की धारा 420 के तहत दोषी मानते हुए फैसला सुनाया।
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दोषी को दो साल के साधारण कारावास के साथ दस हजार जुर्माना
झूठे दस्तावेज से लिया था डी. क्लास ठेकेदारी का लाइसेंस
अमर उजाला ब्यूरो
आनी (कुल्लू)।
झूठे दस्तावेज पेश कर आईपीएच की ठेकेदारी का लाइसेंस लेने मामले में दोेषी एक ठेकेदार को प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी आनी विकास गुप्ता ने दो साल की साधारण जेल और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष की ओर से मामले की पैरवी अतिरिक्त जिला न्यायवादी पृथ्वी सिंह नेगी ने की। उन्होंने कहा कि नित्थर के शकरोली निवासी यशपाल पुत्र किशन सिंह ने वर्ष 1998-99 में खुद को आईआरडीपी सूची में पंचायत में दर्ज करवा रखा था। दोषी यशपाल ने आईपीएच के आनी डिवीजन में दिसंबर 1998 में ही पांच लाख की संपत्ति का मालिक होने का झूठा दस्तावेज देकर डी. क्लास ठेकेदारी का लाइसेंस पा लिया था। यह मामला आनी कोर्ट में विचाराधीन था। इस पर प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी आनी विकास गुप्ता ने यशपाल को आईपीसी की धारा 420 के तहत दोषी मानते हुए फैसला सुनाया।
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