{"_id":"6a464dc4d99b95373e02e191","slug":"chopal-assembly-constituency-churdhar-temple-tourist-visit-rampur-hp-news-c-178-1-ssml1033-163842-2026-07-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rampur Bushahar News: पर्यटकों से गुलजार चूड़धार, वीकेंड पर पहुंच रहे पांच हजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rampur Bushahar News: पर्यटकों से गुलजार चूड़धार, वीकेंड पर पहुंच रहे पांच हजार
विज्ञापन
चूढ़धार में शिरगुल देवता मंदिर। संवाद
चूड़धार में उमड़ रही श्रद्धालुओं, पर्यटकों की भीड़, वीकेंड पर पहुंच रहे पांच हजार
. उत्तर भारत के कई राज्यों से भी पहुंच रहे पर्यटक
. स्थानीय लोगों से शनिवार और रविवार को यात्रा न करने की अपील
संवाद न्यूज एजेंसी
नेरवा (रोहड़ू)। चौपाल विधानसभा क्षेत्र में सबसे ऊंची चोटी चूड़धार इन दिनों श्रद्धालुओं और पर्यटकों से गुलजार है। भगवान शिरगुल देवता के दर्शन के लिए शिमला, सिरमौर और सोलन जिलों के अलावा उत्तराखंड के जौनसार-बावर क्षेत्र से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। इसके अलावा पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली समेत मैदानी राज्यों से भी हजारों पर्यटक गर्मी से राहत पाने और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने के लिए चूड़धार पहुंच रहे हैं। मई, जून और जुलाई के दौरान यात्रा अपने चरम पर रहती है। सामान्य दिनों में प्रतिदिन दो से तीन हजार श्रद्धालु चूड़धार पहुंचते हैं, जबकि शनिवार और रविवार को यह संख्या बढ़कर करीब पांच हजार तक पहुंच जाती है। चूड़धार में रात्रि विश्राम की व्यवस्था सीमित है। वर्तमान में यहां करीब तीन हजार लोगों के ठहरने की सुविधा है। चूड़ेश्वर सेवा समिति की सराय में लगभग ढाई हजार और मंदिर समिति की सराय में करीब पांच सौ यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था है। इसके अलावा स्वामी कमलानंद महाराज के आश्रम में करीब 100 श्रद्धालुओं के रहने और लंगर की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जा रही है। स्वामी कमलानंद पिछले दो दशकों से यात्रियों की सेवा में जुटे हैं। वहीं, चूड़ेश्वर सेवा समिति की ओर से प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी सुबह 9 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक और रात 8 बजे से देर रात तक निशुल्क लंगर चलाया जा रहा है। इसके अलावा चूड़धार में 9 से 10 ढाबे भी यात्रियों को भोजन उपलब्ध करवा रहे हैं। चूड़ेश्वर सेवा समिति के प्रबंधक बाबू राम शर्मा ने बताया कि समिति का प्रयास रहता है कि अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को सराय में ठहराया जाए, लेकिन सप्ताहांत में श्रद्धालुओं की अत्यधिक संख्या के कारण कई बार व्यवस्थाओं पर दबाव बढ़ जाता है। मंदिर के मुख्य पुजारी संदीप शास्त्री और बाबू राम ने श्रद्धालुओं से चूड़धार की स्वच्छता बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने यात्रियों से अंधेरा होने से पहले चूड़धार पहुंचने का आग्रह करते हुए कहा कि देर शाम यात्रा करने वाले कई लोग रास्ता भटककर परेशानी में फंस जाते हैं। साथ ही उन्होंने चौपाल, हरिपुरधार और नोहराधार क्षेत्र के स्थानीय लोगों से अनुरोध किया कि वे शनिवार और रविवार के बजाय अन्य दिनों में यात्रा करें, ताकि सप्ताहांत की भीड़ कम हो सके और दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने एवं भोजन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
विज्ञापन
. उत्तर भारत के कई राज्यों से भी पहुंच रहे पर्यटक
. स्थानीय लोगों से शनिवार और रविवार को यात्रा न करने की अपील
संवाद न्यूज एजेंसी
नेरवा (रोहड़ू)। चौपाल विधानसभा क्षेत्र में सबसे ऊंची चोटी चूड़धार इन दिनों श्रद्धालुओं और पर्यटकों से गुलजार है। भगवान शिरगुल देवता के दर्शन के लिए शिमला, सिरमौर और सोलन जिलों के अलावा उत्तराखंड के जौनसार-बावर क्षेत्र से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। इसके अलावा पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली समेत मैदानी राज्यों से भी हजारों पर्यटक गर्मी से राहत पाने और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने के लिए चूड़धार पहुंच रहे हैं। मई, जून और जुलाई के दौरान यात्रा अपने चरम पर रहती है। सामान्य दिनों में प्रतिदिन दो से तीन हजार श्रद्धालु चूड़धार पहुंचते हैं, जबकि शनिवार और रविवार को यह संख्या बढ़कर करीब पांच हजार तक पहुंच जाती है। चूड़धार में रात्रि विश्राम की व्यवस्था सीमित है। वर्तमान में यहां करीब तीन हजार लोगों के ठहरने की सुविधा है। चूड़ेश्वर सेवा समिति की सराय में लगभग ढाई हजार और मंदिर समिति की सराय में करीब पांच सौ यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था है। इसके अलावा स्वामी कमलानंद महाराज के आश्रम में करीब 100 श्रद्धालुओं के रहने और लंगर की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जा रही है। स्वामी कमलानंद पिछले दो दशकों से यात्रियों की सेवा में जुटे हैं। वहीं, चूड़ेश्वर सेवा समिति की ओर से प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी सुबह 9 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक और रात 8 बजे से देर रात तक निशुल्क लंगर चलाया जा रहा है। इसके अलावा चूड़धार में 9 से 10 ढाबे भी यात्रियों को भोजन उपलब्ध करवा रहे हैं। चूड़ेश्वर सेवा समिति के प्रबंधक बाबू राम शर्मा ने बताया कि समिति का प्रयास रहता है कि अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को सराय में ठहराया जाए, लेकिन सप्ताहांत में श्रद्धालुओं की अत्यधिक संख्या के कारण कई बार व्यवस्थाओं पर दबाव बढ़ जाता है। मंदिर के मुख्य पुजारी संदीप शास्त्री और बाबू राम ने श्रद्धालुओं से चूड़धार की स्वच्छता बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने यात्रियों से अंधेरा होने से पहले चूड़धार पहुंचने का आग्रह करते हुए कहा कि देर शाम यात्रा करने वाले कई लोग रास्ता भटककर परेशानी में फंस जाते हैं। साथ ही उन्होंने चौपाल, हरिपुरधार और नोहराधार क्षेत्र के स्थानीय लोगों से अनुरोध किया कि वे शनिवार और रविवार के बजाय अन्य दिनों में यात्रा करें, ताकि सप्ताहांत की भीड़ कम हो सके और दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने एवं भोजन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।