{"_id":"5d51719b8ebc3e6d0574866d","slug":"apple-rampur-hp-news-sml303705716","type":"story","status":"publish","title_hn":"सेब का रंग लाल करने के लिए ईथरल दवा की स्प्रे झड़ने लगी फसल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सेब का रंग लाल करने के लिए ईथरल दवा की स्प्रे झड़ने लगी फसल
विज्ञापन
डंसा क्षेत्र में लाल रंग करने में चक्कर में ईथरल दवा की स्प्रे से सेब हुआ खराब
- फोटो : RAMPUR-HP
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डंसा(रामपुर बुशहर)। सेब का रंग लाल करने में चक्कर में बागवान बगीचों में ईथरल दवा की स्प्रे कर रहे हैं। इससे सेब की फसल तुड़ान से पहले ही गिर रही है। इन दिनों मध्यम ऊंचाई वाले सेब बहुल क्षेत्रों में सेब सीजन के ऐन मौके पर सेब बागवानों को झटका लग रहा है। तुड़ान से पहले ही सेब ड्रॉप होने से बागवानों की साल भर की मेहनत पर पानी फिर रहा है। वहीं, बागवान भी बागवानी विभाग के विशेषज्ञों की सलाह के बिना स्प्रे कर रहे हैं।
रामपुर उपमंडल की नोग वैली में सेब की ड्रॉपिंग से बागवानों में हड़कंप मचा हुआ है। घाटी की मध्यम ऊंचाई वाले सेब बहुल क्षेत्रों में सेब सीजन शुरू होने से पहले ही सेब पौधों से गिरना शुरू हो गया है। ऐसे में बागवानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। गौर रहे कि बागवान सेब का रंग लाल करने के चक्कर में हर वर्ष ईथरल दवा की स्प्रे करते आ रहे हैं, लेकिन ईथरल दवाई के नाम पर निर्माता कंपनी कमाई के चक्कर में कई तरह के उत्पाद बाजार में उतार रही है, जिसके एवज में दवाई विक्रेता भी बागवानों से ठगी कर चोखी कमाई कर रहे हैं। बागवानों को इसका विपरीत असर बगीचों में देखने को मिल रहा है। नोग वैली के जगूणी, थाना, कटाली, डंसा, पनोली, सनेई और शांदल गांव के बागवानों की सेब की फसल ईथरल स्प्रे का छिड़काव करने से गिर रही है।
सूबे के प्रगतिशील बागवान पवन हुड्डन, खेल चंद नेगी, देश राज, राज मेहता, बाला नंद, दुर्गा दत्त, सूरज नेगी, दिनेश कायथ, सुदंर सिंह, छत्तर सिंह, गुरजीत और गोवर्धन ने प्रशासन और विभाग से गुहार लगाई है कि बगीचों में हुए नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा राशि मुहैया करवाई जाए।
विज्ञापन
उधर, बागवानी विभाग अधिकारी रामपुर डॉ. अश्वनी चौहान के अनुसार बागवान विशेषज्ञों की सलाह बिना कलर स्प्रे दवाइयों का छिड़काव कर रहे हैं। बागवानी विभाग बागवानों को इस तरह की दवाइयाें से परहेज करने की सलाह देते हैं।
विज्ञापन
रामपुर उपमंडल की नोग वैली में सेब की ड्रॉपिंग से बागवानों में हड़कंप मचा हुआ है। घाटी की मध्यम ऊंचाई वाले सेब बहुल क्षेत्रों में सेब सीजन शुरू होने से पहले ही सेब पौधों से गिरना शुरू हो गया है। ऐसे में बागवानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। गौर रहे कि बागवान सेब का रंग लाल करने के चक्कर में हर वर्ष ईथरल दवा की स्प्रे करते आ रहे हैं, लेकिन ईथरल दवाई के नाम पर निर्माता कंपनी कमाई के चक्कर में कई तरह के उत्पाद बाजार में उतार रही है, जिसके एवज में दवाई विक्रेता भी बागवानों से ठगी कर चोखी कमाई कर रहे हैं। बागवानों को इसका विपरीत असर बगीचों में देखने को मिल रहा है। नोग वैली के जगूणी, थाना, कटाली, डंसा, पनोली, सनेई और शांदल गांव के बागवानों की सेब की फसल ईथरल स्प्रे का छिड़काव करने से गिर रही है।
विज्ञापन
सूबे के प्रगतिशील बागवान पवन हुड्डन, खेल चंद नेगी, देश राज, राज मेहता, बाला नंद, दुर्गा दत्त, सूरज नेगी, दिनेश कायथ, सुदंर सिंह, छत्तर सिंह, गुरजीत और गोवर्धन ने प्रशासन और विभाग से गुहार लगाई है कि बगीचों में हुए नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा राशि मुहैया करवाई जाए।
विज्ञापन
उधर, बागवानी विभाग अधिकारी रामपुर डॉ. अश्वनी चौहान के अनुसार बागवान विशेषज्ञों की सलाह बिना कलर स्प्रे दवाइयों का छिड़काव कर रहे हैं। बागवानी विभाग बागवानों को इस तरह की दवाइयाें से परहेज करने की सलाह देते हैं।