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एपीएमसी के खिलाफ नारकंडा में सड़कों पर उतरे बागवान
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कुमारसैन (रामपुर बुशहर)। नारकंडा में स्थानीय बागवानों ने सरकारी की नीतियों और मंडी में सुविधाएं मुहैया न करवाए जाने को लेकर जमकर प्रदर्शन किया। ठियोग के विधायक और किसानसभा अध्यक्ष राकेश सिंघा की अगुवाई में रोष रैली निकाली। रैली के बाद विधायक सिंघा ने बागवानों को संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि नारकंडा की मंडियों में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है। मंडियों में शौचालयों की उचित व्यवस्था न होने के कारण पानी के स्रोत भी दूषित हो रहे हैं। स्थानीय गांव के लोगों में बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। वहीं जो नियम मंडियों के लिए तय किए गए हैं, उन पर अमल नहीं किया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बागवानों से तय सीमा से अधिक कटौती की जा रही है। एपीएमसी और सरकार ने 5 रुपये तय किया है। वहीं आढ़तियों द्वारा अधिक पैसे वसूले जा रहे हैं। मोटे मुनाफे के चक्कर में आढ़ती माल नहीं होने का बहाना करते हैं और 2-3 दिन बाद रेट बढ़ा देते हैं। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि स्थानीय प्रशासन की आंखों के सामने नियमों की अनदेखी हो रही है और प्रशासन मूक दर्शक बना हुआ है। यदि समय रहते प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की तो उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा।
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उन्होंने कहा कि नारकंडा की मंडियों में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है। मंडियों में शौचालयों की उचित व्यवस्था न होने के कारण पानी के स्रोत भी दूषित हो रहे हैं। स्थानीय गांव के लोगों में बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। वहीं जो नियम मंडियों के लिए तय किए गए हैं, उन पर अमल नहीं किया जा रहा है।
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उन्होंने आरोप लगाया कि बागवानों से तय सीमा से अधिक कटौती की जा रही है। एपीएमसी और सरकार ने 5 रुपये तय किया है। वहीं आढ़तियों द्वारा अधिक पैसे वसूले जा रहे हैं। मोटे मुनाफे के चक्कर में आढ़ती माल नहीं होने का बहाना करते हैं और 2-3 दिन बाद रेट बढ़ा देते हैं। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि स्थानीय प्रशासन की आंखों के सामने नियमों की अनदेखी हो रही है और प्रशासन मूक दर्शक बना हुआ है। यदि समय रहते प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की तो उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा।
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