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रोहडू की कंपनी पर एपीएमसी ने लगाया पांच हजार रुपये जुर्माना
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोहडू़। सेब बेचने पर आढ़ती से अवैध वसूली करने पर एपीएमसी ने कंपनी पर पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही नियमों की दोबारा अवहेलना करने पर आढ़ती को लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी भी दी गई है।
एपीएमसी शिमला-किन्नौर ने मेसर्स सूर्य फ्रूट कंपनी को आदेश जारी किए हैं कि वीर सिंह पुत्र अमी चंद गांव शेखल तहसील रोहडू़ जिला शिमला हिमाचल प्रदेश ने आढ़त में सेब की 73 पेटियां बेचने के लिए लाई थी।
बिक्री के बाद आढ़ती ने बागवान से तीस रूपए प्रति पेटी बिक्री में गैरकानूनी तरीके से कटौती की जो हिमाचल प्रदेश कृषि एवं बागवानी उत्पाद विपणन (विकास एवं नियमन) अधिनियम, 2005 की धारा 28 (2) का उल्लंघन है। जांच के बाद एपीएमसी ने बताया कि मार्केट यार्ड में बिक्री के लिए लाई गई अधिसूचित कृषि उपज की कीमत, खुली नीलामी या किसी अन्य पारदर्शी प्रणाली द्वारा निर्धारित की गई है।
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उत्पादक की सहमत मूल्य से कोई कटौती नहीं की सकती है। एपीएमसी ने इस मामले में दोषी ठहराते हुए कंपनी को 5,000 का जुर्माना लगाया है। एपीएमसी सचिव ने इसके साथ ही अतिरिक्त राशि का भुगतान करने के भी आदेश दिए हैं। इसके तहत कंपनी को बागवान को 1,700 रुपये शुल्क का उत्पादक करना होगा। एपीएमसी सचिव ने चेतावनी दी है कि यह पहला और अंतिम अवसर होगा, अगर नियमों का उल्लंघन दोबारा किया गया तो कंपनी का लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।
गौर को कि इससे पहले बागवान की शिकायत के बाद आढ़ती ने उसका भुगतान रोक दिया था। एसडीएम रोहडू़ के हस्तक्षेप के बाद बागवान को सेब की बिक्री का भुगतान करवाया गया था। इसमें संयुक्त किसान मंच की ओर से भी एसडीएम के सामने कार्रवाई की मांग की गई थी। एसडीएम रोहडू़ सन्नी शर्मा ने एपीएमसी की ओर से आढ़ती को किए गए जुर्माने के आदेश की पुष्टि की है।
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रोहडू़। सेब बेचने पर आढ़ती से अवैध वसूली करने पर एपीएमसी ने कंपनी पर पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही नियमों की दोबारा अवहेलना करने पर आढ़ती को लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी भी दी गई है।
एपीएमसी शिमला-किन्नौर ने मेसर्स सूर्य फ्रूट कंपनी को आदेश जारी किए हैं कि वीर सिंह पुत्र अमी चंद गांव शेखल तहसील रोहडू़ जिला शिमला हिमाचल प्रदेश ने आढ़त में सेब की 73 पेटियां बेचने के लिए लाई थी।
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बिक्री के बाद आढ़ती ने बागवान से तीस रूपए प्रति पेटी बिक्री में गैरकानूनी तरीके से कटौती की जो हिमाचल प्रदेश कृषि एवं बागवानी उत्पाद विपणन (विकास एवं नियमन) अधिनियम, 2005 की धारा 28 (2) का उल्लंघन है। जांच के बाद एपीएमसी ने बताया कि मार्केट यार्ड में बिक्री के लिए लाई गई अधिसूचित कृषि उपज की कीमत, खुली नीलामी या किसी अन्य पारदर्शी प्रणाली द्वारा निर्धारित की गई है।
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उत्पादक की सहमत मूल्य से कोई कटौती नहीं की सकती है। एपीएमसी ने इस मामले में दोषी ठहराते हुए कंपनी को 5,000 का जुर्माना लगाया है। एपीएमसी सचिव ने इसके साथ ही अतिरिक्त राशि का भुगतान करने के भी आदेश दिए हैं। इसके तहत कंपनी को बागवान को 1,700 रुपये शुल्क का उत्पादक करना होगा। एपीएमसी सचिव ने चेतावनी दी है कि यह पहला और अंतिम अवसर होगा, अगर नियमों का उल्लंघन दोबारा किया गया तो कंपनी का लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।
गौर को कि इससे पहले बागवान की शिकायत के बाद आढ़ती ने उसका भुगतान रोक दिया था। एसडीएम रोहडू़ के हस्तक्षेप के बाद बागवान को सेब की बिक्री का भुगतान करवाया गया था। इसमें संयुक्त किसान मंच की ओर से भी एसडीएम के सामने कार्रवाई की मांग की गई थी। एसडीएम रोहडू़ सन्नी शर्मा ने एपीएमसी की ओर से आढ़ती को किए गए जुर्माने के आदेश की पुष्टि की है।