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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Rampur Bushahar News ›   Action against 91 members for non-payment of membership fees: Mastram

सदस्यता शुल्क नहीं जमा करवाने पर 91 सदस्यों पर कार्रवाई : मस्तराम

Sat, 10 Oct 2026 11:19 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 10 Oct 2026 11:19 PM IST
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बुशहर ऑटो ऑपरेटर यूनियन के महासचिव ने चुनाव प्रक्रिया पर दी सफाई
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नोटिस के बावजूद नहीं दिए पैसे, 30 सितंबर को हुआ निष्कासन
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। बुशहर ऑटो ऑपरेटर यूनियन की चुनावी प्रक्रिया को लेकर चल रही बहस के बीच महासचिव मस्त राम ने अपना पक्ष रखा है। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया, सदस्यता समाप्त करने और महासचिव पर लगाए जा रहे आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि सभी निर्णय बैठकों में पारित प्रस्तावों और जारी नोटिसों के आधार पर लिए गए हैं। यूनियन ने सदस्यों से अपुष्ट सूचनाओं पर विश्वास न करने और चुनाव प्रक्रिया में सहयोग देने की अपील की है।
मस्त राम ने बताया कि 19 सितंबर को मिनी सचिवालय रामपुर बुशहर के सभागार में आयोजित आम सभा में सर्वसम्मति से कार्यकारिणी गठित करने का प्रयास किया गया, लेकिन सहमति नहीं बन पाई। इसके बाद महासचिव को कार्यकारी सचिव का कार्यभार सौंपने और चुनाव प्रक्रिया लोकतांत्रिक तरीके से संपन्न करवाने की जिम्मेदारी उन्हें देने का निर्णय लिया गया। इसमें चुनाव अधिकारियों की नियुक्ति और चुनाव की तिथि निर्धारित करना शामिल था।
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उन्होंने कहा कि 27 फरवरी 2026 को तत्कालीन प्रधान गोपाल सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में लंबे समय से मासिक सदस्यता शुल्क जमा नहीं करवाने वाले सदस्यों को अंतिम नोटिस जारी कर निष्कासित करने का निर्णय लिया था। गोपाल सिंह ने 15 जुलाई को समयाभाव के चलते प्रधान पद से त्यागपत्र दिया था। हालांकि, वह वर्तमान में फिर से प्रधान पद के उम्मीदवार हैं।
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मस्त राम के अनुसार, 5 जून, 20 जून, 15 जुलाई, 2 सितंबर और 10 सितंबर को सार्वजनिक नोटिस जारी कर लंबित सदस्यता शुल्क जमा करवाने का आग्रह किया गया था। इसके बावजूद 91 सदस्यों ने शुल्क जमा नहीं करवाया, जिसके बाद 30 सितंबर को उनके निष्कासन की कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि इस मामले में अभिलेखों, बैठक के निर्णयों और नोटिसों के आधार पर तथ्यों की जांच की जानी चाहिए।

महासचिव पर धांधली और अनियमितताओं के आरोपों पर यूनियन ने कहा कि उसके संज्ञान में इन आरोपों के समर्थन में कोई ठोस प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया है। वहीं, देवी सिंह बुशहरी के संबंध में जारी स्पष्टीकरण में कहा गया है कि उन्हें अगस्त 2022 में कथित यूनियन विरोधी गतिविधियों के आरोपों के चलते अनिश्चितकाल के लिए निष्कासित किया गया था।
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