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ठियोग होटकोटी सड़क का करवाया जाएगा जीओ टैक्निकल इंवेस्टिगेशन सर्वे
Updated Sun, 07 Oct 2018 09:56 PM IST
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ठियोग-हाटकोटी सड़क का जीओ
टेक्निकल सर्वे करवाएंगे : कुडू
भूस्खलन रोकने के लिए विद्युत परियोजनाओं की तर्ज पर लगाए जाएंगे डंगे
मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव ने किया पट्टी ढांक का निरीक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
कोटखाई (रोहड़ू)। ठियोग-हाटकोटी सड़क का जीओ टेक्निकल इन्वेस्टिगेशन सर्वे करवाया जाएगा। सर्वे के आधार पर सड़क पर कार्य होगा। स्लाइडिंग प्वाइंटों पर विशेष उपकरण और सैंसर लगाए जाएंगे, ताकि भविष्य में भूस्खलन होने से पहले ही स्लाइडिंग का पता चल सके। हिमालयन क्षेत्रों में ढलान स्थिरीकरण के तरीकों को अपनाना अनिवार्य है। विद्युत परियोजनाओं में ढलान स्थिरीकरण के लिए विशेष रूप से ड़गे लगाए जाते हैं। ढलान स्थिरीकरण का यह तरीका थोड़ा महंगा है। इसके लिए केंद्र सरकार से बातचीत की जा रही है। शीघ्र ही यह तरीका हिमालयन क्षेत्रों में सड़कों की ढलान स्थिरीकरण के लिए भी अपनाया जाएगा। यह बात अतिरिक्त मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजीव कुंडू ने पट्टी ढांक में सड़क के निरीक्षण के दौरान कही।
संजीव कुंडू ने कहा कि सबसे पहले पट्टी ढांक में पूरी पहाड़ी को साफ किया जाएगा, ताकि आने वाले दिनों में लोगों को दिक्कतें पेश न आएं। अधिक बारिश होने के कारण मिट्टी ढीली हो गई है। इस कारण कई स्थानों पर भूस्खलन हो रहा है। भूस्खलन की समस्या सभी हिमालयन क्षेत्रों में है। इसलिए हिमाचल प्रदेश में सभी ढलान दार सड़कों पर विद्युत परियोजनाओं की तर्ज पर डंगे लगाने का विचार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मुख्य सचेतक नरेंद्र बरागटा ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के समक्ष ठियोग हाटकोटी सड़क के मुद्दे को रखा था। इसके बाद मुख्यमंत्री ने उन्हें स्वयं सड़क का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार पट्टी ढांक में सड़क का निरीक्षण किया गया है। पट्टी ढांक को साफ करने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश भी मौके पर ही अधिकारियों को दिए गए हैं। इस मौके पर स्टेट रोड प्रोजेक्ट के मुख्य अभियंता आरके वर्मा, नेशनल हाईवे के अधीक्षण अभियंता अजय वर्मा, नेशनल हाईवे के अधिशासी अभियंता आरएस जस्वाल, लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता जितेंद्र धीमान भी मौजूद रहे।
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टेक्निकल सर्वे करवाएंगे : कुडू
भूस्खलन रोकने के लिए विद्युत परियोजनाओं की तर्ज पर लगाए जाएंगे डंगे
मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव ने किया पट्टी ढांक का निरीक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
कोटखाई (रोहड़ू)। ठियोग-हाटकोटी सड़क का जीओ टेक्निकल इन्वेस्टिगेशन सर्वे करवाया जाएगा। सर्वे के आधार पर सड़क पर कार्य होगा। स्लाइडिंग प्वाइंटों पर विशेष उपकरण और सैंसर लगाए जाएंगे, ताकि भविष्य में भूस्खलन होने से पहले ही स्लाइडिंग का पता चल सके। हिमालयन क्षेत्रों में ढलान स्थिरीकरण के तरीकों को अपनाना अनिवार्य है। विद्युत परियोजनाओं में ढलान स्थिरीकरण के लिए विशेष रूप से ड़गे लगाए जाते हैं। ढलान स्थिरीकरण का यह तरीका थोड़ा महंगा है। इसके लिए केंद्र सरकार से बातचीत की जा रही है। शीघ्र ही यह तरीका हिमालयन क्षेत्रों में सड़कों की ढलान स्थिरीकरण के लिए भी अपनाया जाएगा। यह बात अतिरिक्त मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजीव कुंडू ने पट्टी ढांक में सड़क के निरीक्षण के दौरान कही।
संजीव कुंडू ने कहा कि सबसे पहले पट्टी ढांक में पूरी पहाड़ी को साफ किया जाएगा, ताकि आने वाले दिनों में लोगों को दिक्कतें पेश न आएं। अधिक बारिश होने के कारण मिट्टी ढीली हो गई है। इस कारण कई स्थानों पर भूस्खलन हो रहा है। भूस्खलन की समस्या सभी हिमालयन क्षेत्रों में है। इसलिए हिमाचल प्रदेश में सभी ढलान दार सड़कों पर विद्युत परियोजनाओं की तर्ज पर डंगे लगाने का विचार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मुख्य सचेतक नरेंद्र बरागटा ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के समक्ष ठियोग हाटकोटी सड़क के मुद्दे को रखा था। इसके बाद मुख्यमंत्री ने उन्हें स्वयं सड़क का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार पट्टी ढांक में सड़क का निरीक्षण किया गया है। पट्टी ढांक को साफ करने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश भी मौके पर ही अधिकारियों को दिए गए हैं। इस मौके पर स्टेट रोड प्रोजेक्ट के मुख्य अभियंता आरके वर्मा, नेशनल हाईवे के अधीक्षण अभियंता अजय वर्मा, नेशनल हाईवे के अधिशासी अभियंता आरएस जस्वाल, लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता जितेंद्र धीमान भी मौजूद रहे।
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