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बारिश और ट्रक ऑपरेटरों की हड़ताल ने रोकी सेब तुड़ान की रफ्तार
Updated Tue, 24 Jul 2018 09:16 PM IST
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सेब तुड़ान को लेकर बागवान असमंजस में
बारिश और ट्रक ऑपरेटरों की हड़ताल ने बढ़ाई परेशानी
निचले क्षेत्रों में इन दिनों सेब सीजन जोर-शोर पर
अमर उजाला ब्यूरो
कुमारसैन (रामपुर)। सेब बाहुल क्षेत्र ऊपरी शिमला के बागवान सेब तुड़ान को लेकर अभी असमंजस में हैं। बारिश और ट्रक ऑपरेटरों की हड़ताल के चलते बागवान सेब का तुड़ान नहीं कर पा रहे हैं। बागवानों के अनुसार अगर वे सेब तोड़ कर मंडियों तक भेज देते हैं और कारोबारी सेब नहीं खरीदते हैं तो उन्हें खासा नुकसान उठाना पड़ेगा। इन दिनों निचले क्षेत्रों में सेब सीजन जोर-शोर पर है।
इलाके के बागवान तारा चंद, राकेश कुमार, यशवंत, गोपाल, सुरेश, सतीश, सुनील नेगी, उज्ज्वल वर्मा और उमा दत्त के अनुसार ट्रकों की हड़ताल के कारण मंडियों में सेब भेजने को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। तुड़ान के बाद अगर सेब की फसल नहीं बिकी तो सेब खराब हो जाएंगे। यदि ट्रक ऑपरेटरों की हड़ताल ज्यादा दिन चलती है तो तैयार फसल को तोड़कर रख भी नहीं सकती हैं। ऐसे में उन्हें भारी घाटा उठाना पड़ेगा। ट्रक ऑपरेटर 20 जुलाई से चक्का जाम किए हुए हैं। इसके चलते बागवान खासे परेशान हैं।
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बारिश और ट्रक ऑपरेटरों की हड़ताल ने बढ़ाई परेशानी
निचले क्षेत्रों में इन दिनों सेब सीजन जोर-शोर पर
अमर उजाला ब्यूरो
कुमारसैन (रामपुर)। सेब बाहुल क्षेत्र ऊपरी शिमला के बागवान सेब तुड़ान को लेकर अभी असमंजस में हैं। बारिश और ट्रक ऑपरेटरों की हड़ताल के चलते बागवान सेब का तुड़ान नहीं कर पा रहे हैं। बागवानों के अनुसार अगर वे सेब तोड़ कर मंडियों तक भेज देते हैं और कारोबारी सेब नहीं खरीदते हैं तो उन्हें खासा नुकसान उठाना पड़ेगा। इन दिनों निचले क्षेत्रों में सेब सीजन जोर-शोर पर है।
इलाके के बागवान तारा चंद, राकेश कुमार, यशवंत, गोपाल, सुरेश, सतीश, सुनील नेगी, उज्ज्वल वर्मा और उमा दत्त के अनुसार ट्रकों की हड़ताल के कारण मंडियों में सेब भेजने को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। तुड़ान के बाद अगर सेब की फसल नहीं बिकी तो सेब खराब हो जाएंगे। यदि ट्रक ऑपरेटरों की हड़ताल ज्यादा दिन चलती है तो तैयार फसल को तोड़कर रख भी नहीं सकती हैं। ऐसे में उन्हें भारी घाटा उठाना पड़ेगा। ट्रक ऑपरेटर 20 जुलाई से चक्का जाम किए हुए हैं। इसके चलते बागवान खासे परेशान हैं।
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