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पहले दिन नहीं मिला सैकड़ों विद्यार्थियों को दाखिला
Updated Mon, 18 Jun 2018 09:25 PM IST
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रामपुर बुशहर।
प्रदेश सरकार के फैसले के बाद शिक्षा विभाग ने कॉलेजों में वार्षिक शिक्षा प्रणाली लागू कर दी है। लेकिन प्रथम वर्ष में दाखिला लेने वाले छात्रों के साथ-साथ शिक्षकों में स्थिति साफ नहीं है। कॉलेज में अभी तक विषयवार शिक्षा मुहैया करवाने की अनुसूची (सब्जेक्ट कॉबिनेशन) जारी नहीं की गई है। ऐसे में रामपुर कॉलेज में सोमवार को प्रथम वर्ष में दाखिला लेने के लिए रामपुर, कुल्लू और किन्नौर जिले के सैकड़ों विद्यार्थी पहुंचे। दाखिला नहीं मिलने के कारण उन्हें मायूस लौटना पड़ा।
पांच वर्ष बाद शिक्षा प्रणाली में बदलाव होने से कॉलेज में वर्ष 2013 की तरह स्थिति पैदा हो गई है। रूसा प्रणाली शुरू होते समय जहां वर्ष भर छात्रों को परेशानियां झेलनी पड़ी थी, वहीं दोबारा से वैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। सरकार और शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2018-19 से कॉलेजों में वार्षिक प्रणाली लागू करने के निर्देश दे दिए हैं। विषयवार अनुसूची जारी न होने के कारण कॉलेज प्रबंधन में संशय का माहौल बना हुआ है। बिना अनुसूची के छात्रों को कैसे दाखिला दिया जा सकता है। शिक्षा विभाग से स्थिति साफ न होने के कारण पीजी कॉलेज रामपुर में पहले दिन कोई दाखिले नहीं हो पाया। ऐेसे में दूरदराज के क्षेत्रों से पहुंचे छात्रों और अभिभावकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कॉलेज में प्रथम वर्ष में दाखिला लेने पहुंची छात्रा नजमा, पल्लवी, रीतिका, शिवानी, नेहा का कहना है कि कॉलेज पहुंचने पर उन्हें प्रोस्पेक्टस नहीं मिल पाए और उन्हें दाखिला के बिना घर लौटने को मजबूर होना पड़ा। मझेवली से आए अभिभावक मोहन लाल और किन्नौर से पहुंचे इंद्र सिंह नेगी ने बताया कि जब वे कॉलेज में प्रोस्पेक्टस लेने पहुंचे तो उन्हें प्रोस्पेक्टस नहीं मिल पाए, जिससे उन्हें परेशानियां झेलनी पड़ी।
विषयवार दाखिले पर अंतिम निर्णय नहीं : कश्यप
कॉलेज प्राचार्य पीसी कश्यप ने बताया कि विषयवार दाखिले पर अंतिम निर्णय न होने के कारण प्रोस्पेक्टस नहीं दिए जा रहे। प्रथम वर्ष में छात्रों के लिए कितने विषयों की उपलब्धता रहेगी, इस पर भी स्थिति साफ नहीं हो पाई है। शिक्षा विभाग के निर्देशों के बाद ही दाखिला करवाने की प्रक्रिया शुरू हो पाएगी।
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प्रदेश सरकार के फैसले के बाद शिक्षा विभाग ने कॉलेजों में वार्षिक शिक्षा प्रणाली लागू कर दी है। लेकिन प्रथम वर्ष में दाखिला लेने वाले छात्रों के साथ-साथ शिक्षकों में स्थिति साफ नहीं है। कॉलेज में अभी तक विषयवार शिक्षा मुहैया करवाने की अनुसूची (सब्जेक्ट कॉबिनेशन) जारी नहीं की गई है। ऐसे में रामपुर कॉलेज में सोमवार को प्रथम वर्ष में दाखिला लेने के लिए रामपुर, कुल्लू और किन्नौर जिले के सैकड़ों विद्यार्थी पहुंचे। दाखिला नहीं मिलने के कारण उन्हें मायूस लौटना पड़ा।
पांच वर्ष बाद शिक्षा प्रणाली में बदलाव होने से कॉलेज में वर्ष 2013 की तरह स्थिति पैदा हो गई है। रूसा प्रणाली शुरू होते समय जहां वर्ष भर छात्रों को परेशानियां झेलनी पड़ी थी, वहीं दोबारा से वैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। सरकार और शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2018-19 से कॉलेजों में वार्षिक प्रणाली लागू करने के निर्देश दे दिए हैं। विषयवार अनुसूची जारी न होने के कारण कॉलेज प्रबंधन में संशय का माहौल बना हुआ है। बिना अनुसूची के छात्रों को कैसे दाखिला दिया जा सकता है। शिक्षा विभाग से स्थिति साफ न होने के कारण पीजी कॉलेज रामपुर में पहले दिन कोई दाखिले नहीं हो पाया। ऐेसे में दूरदराज के क्षेत्रों से पहुंचे छात्रों और अभिभावकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कॉलेज में प्रथम वर्ष में दाखिला लेने पहुंची छात्रा नजमा, पल्लवी, रीतिका, शिवानी, नेहा का कहना है कि कॉलेज पहुंचने पर उन्हें प्रोस्पेक्टस नहीं मिल पाए और उन्हें दाखिला के बिना घर लौटने को मजबूर होना पड़ा। मझेवली से आए अभिभावक मोहन लाल और किन्नौर से पहुंचे इंद्र सिंह नेगी ने बताया कि जब वे कॉलेज में प्रोस्पेक्टस लेने पहुंचे तो उन्हें प्रोस्पेक्टस नहीं मिल पाए, जिससे उन्हें परेशानियां झेलनी पड़ी।
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विषयवार दाखिले पर अंतिम निर्णय नहीं : कश्यप
कॉलेज प्राचार्य पीसी कश्यप ने बताया कि विषयवार दाखिले पर अंतिम निर्णय न होने के कारण प्रोस्पेक्टस नहीं दिए जा रहे। प्रथम वर्ष में छात्रों के लिए कितने विषयों की उपलब्धता रहेगी, इस पर भी स्थिति साफ नहीं हो पाई है। शिक्षा विभाग के निर्देशों के बाद ही दाखिला करवाने की प्रक्रिया शुरू हो पाएगी।
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