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पहले सूखे ने अब ओलों ने ढाया कहर
Updated Tue, 08 May 2018 09:06 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
रामपुर बुशहर।
रामपुर उपमंडल के विभिन्न क्षेत्रों में खराब मौसम के बाद हुई ओलावृष्टि ने बागवानों की कमर तोड़ कर रख दी है। कई क्षेत्रों में सोमवार रात को जमकर ओले बरसे। रामपुर खंड की नरैण और बाहली पंचायत में ओलावृष्टि से बागवानों को सबसे अधिक नुकसान पहुंचा है। नरैण पंचायत के शरण, जराशी, पैलन, सुंगरी, दलोग में करीब 15 मिनट तक ओलावृष्टि होती रही। बाहली पंचायत के पलजारा और आसपास के इलाकों में भी ओलावृष्टि हुई।
क्षेत्र के इंद्रजीत कायथ, राकेश चौहान, यशपाल, यशवीर, काकू, विशाल चौहान आदि ने बताया कि क्षेत्र में ग्रामीणों की आर्थिकी सेब पर ही निर्भर है। लेकिन इस बार सेब की फसल पर संकट गहरा गया है। पहले बागवान सूखे की मार झेल रहे थे और अब ओलावृष्टि ने सेब की फसल को भारी क्षति पहुंचाई है। ग्रामीणों का कहना है कि वे पूरा साल सेब के बगीचों में मेहनत करते हैं। पल भर में ओलावृष्टि ने उनकी मेहनत मिट्टी में मिला दी। बागवानों ने सरकार और बागवानी विभाग से फसलों को हुए नुकसान का आकलन कर मुआवजा देेने की मांग की है। नरैण पंचायत प्रधान नरेश चौहान ने कहा कि नरैण और बाहली पंचायत में ओलावृष्टि ने काफी नुकसान पहुंचाया है। क्षेत्र में पहले भी एक, दो बार ओलावृष्टि हुई है। इस बार हुई ओलावृष्टि से सेब की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। उधर, इस बारे में एपीएमसी के निदेशक केवल राम बुशहरी ने कहा कि कई स्थानों से ओलावृष्टि से नुकसान की सूचनाएं आई हैं। सेब की फसल को हुए नुकसान की भरपाई के लिए सरकार के समक्ष मामला उठाया जाएगा।
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रामपुर बुशहर।
रामपुर उपमंडल के विभिन्न क्षेत्रों में खराब मौसम के बाद हुई ओलावृष्टि ने बागवानों की कमर तोड़ कर रख दी है। कई क्षेत्रों में सोमवार रात को जमकर ओले बरसे। रामपुर खंड की नरैण और बाहली पंचायत में ओलावृष्टि से बागवानों को सबसे अधिक नुकसान पहुंचा है। नरैण पंचायत के शरण, जराशी, पैलन, सुंगरी, दलोग में करीब 15 मिनट तक ओलावृष्टि होती रही। बाहली पंचायत के पलजारा और आसपास के इलाकों में भी ओलावृष्टि हुई।
क्षेत्र के इंद्रजीत कायथ, राकेश चौहान, यशपाल, यशवीर, काकू, विशाल चौहान आदि ने बताया कि क्षेत्र में ग्रामीणों की आर्थिकी सेब पर ही निर्भर है। लेकिन इस बार सेब की फसल पर संकट गहरा गया है। पहले बागवान सूखे की मार झेल रहे थे और अब ओलावृष्टि ने सेब की फसल को भारी क्षति पहुंचाई है। ग्रामीणों का कहना है कि वे पूरा साल सेब के बगीचों में मेहनत करते हैं। पल भर में ओलावृष्टि ने उनकी मेहनत मिट्टी में मिला दी। बागवानों ने सरकार और बागवानी विभाग से फसलों को हुए नुकसान का आकलन कर मुआवजा देेने की मांग की है। नरैण पंचायत प्रधान नरेश चौहान ने कहा कि नरैण और बाहली पंचायत में ओलावृष्टि ने काफी नुकसान पहुंचाया है। क्षेत्र में पहले भी एक, दो बार ओलावृष्टि हुई है। इस बार हुई ओलावृष्टि से सेब की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। उधर, इस बारे में एपीएमसी के निदेशक केवल राम बुशहरी ने कहा कि कई स्थानों से ओलावृष्टि से नुकसान की सूचनाएं आई हैं। सेब की फसल को हुए नुकसान की भरपाई के लिए सरकार के समक्ष मामला उठाया जाएगा।
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