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जिला परिषद कैडर के कर्मियों के लिए उठाई स्थाई नीति की मांग
Updated Sat, 08 Dec 2018 09:55 PM IST
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कर्मचारियों के लिए स्थायी
नीति बनाने की उठी मांग
रोहड़ू। पंचायती राज अधिकारी एवं कर्मचारी महासंघ जिला शिमला का प्रतिनिधि मंडल जिला अध्यक्ष बृज मोहन मदेटा की अध्यक्षता में अपनी मांगों को लेकर शनिवार को पंचायती राज एवं पशुपालन मंत्री वीरेंद्र कंवर से मिला। पंचायती राज मंत्री के समक्ष जिला परिषद कैडर के कर्मियों के लिए स्थायी नीति बनाकर उनका विभाग में विलय करने की मांग उठाई गई। इस संदर्भ में एक ज्ञापन भी सौंपा गया।
जिला अध्यक्ष बृज मोहन मदेटा ने बताया कि संघ की मांग है कि जिला परिषद कैडर के तहत नियुक्त पंचायत सचिव, कनिष्ठ अभियंता, तकनीकी सहायकों को ग्रामीण विकास विभाग में शामिल किया जाए। पंचायती राज अधिकारी व कर्मचारी सभी योजनाओं का क्रियान्वयन 19 वर्षों से सुचारु रुप से कर रहे हैं। सरकारी की बहुत सी योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करवाने का दायित्व भी पंचायती राज के अधिकारी और कर्मचारी उठा रहे हैं। बावजूद इसके सरकार उन्हें अपना कर्मचारी मानने की तैयार नहीं है। जो पूरी तरह से गलत है। इसलिए पंचायती राज मंत्री को ज्ञापन सौंपकर जिला परिषद कैडर के कर्मियों के लिए स्थायी नीति बनाने की मांग उठाई है। इस मौके पर छौहारा इकाई के अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा, रोहड़ू इकाई के अध्यक्ष दिनेश नागटा और संजय नागटा भी उपस्थित थे।
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नीति बनाने की उठी मांग
रोहड़ू। पंचायती राज अधिकारी एवं कर्मचारी महासंघ जिला शिमला का प्रतिनिधि मंडल जिला अध्यक्ष बृज मोहन मदेटा की अध्यक्षता में अपनी मांगों को लेकर शनिवार को पंचायती राज एवं पशुपालन मंत्री वीरेंद्र कंवर से मिला। पंचायती राज मंत्री के समक्ष जिला परिषद कैडर के कर्मियों के लिए स्थायी नीति बनाकर उनका विभाग में विलय करने की मांग उठाई गई। इस संदर्भ में एक ज्ञापन भी सौंपा गया।
जिला अध्यक्ष बृज मोहन मदेटा ने बताया कि संघ की मांग है कि जिला परिषद कैडर के तहत नियुक्त पंचायत सचिव, कनिष्ठ अभियंता, तकनीकी सहायकों को ग्रामीण विकास विभाग में शामिल किया जाए। पंचायती राज अधिकारी व कर्मचारी सभी योजनाओं का क्रियान्वयन 19 वर्षों से सुचारु रुप से कर रहे हैं। सरकारी की बहुत सी योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करवाने का दायित्व भी पंचायती राज के अधिकारी और कर्मचारी उठा रहे हैं। बावजूद इसके सरकार उन्हें अपना कर्मचारी मानने की तैयार नहीं है। जो पूरी तरह से गलत है। इसलिए पंचायती राज मंत्री को ज्ञापन सौंपकर जिला परिषद कैडर के कर्मियों के लिए स्थायी नीति बनाने की मांग उठाई है। इस मौके पर छौहारा इकाई के अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा, रोहड़ू इकाई के अध्यक्ष दिनेश नागटा और संजय नागटा भी उपस्थित थे।
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