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Rampur Bushahar News: रामपुर बुशहर में बीपीएल आय प्रमाण पत्रों का होगा पुनर्सत्यापन
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15 सितंबर तक पूरा कर रिपोर्ट कार्यालय में जमा करनी होगी
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर।
रामपुर बुशहर उपमंडल में बीपीएल श्रेणी के तहत जारी आय प्रमाण पत्रों का पुनर्सत्यापन किया जाएगा। एसडीएम हर्ष अमरेंद्र नेगी ने इस संबंध में सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। यह प्रक्रिया उन प्रमाणपत्रों के लिए होगी जिनकी वार्षिक आय 50 हजार रुपये और 75 हजार रुपये तक दर्शायी गई है। पुनर्सत्यापन का उद्देश्य वास्तविक आय और आर्थिक स्थिति की जांच करना है। साथ ही, यह भी देखा जाएगा कि प्रमाणपत्र जारी करने के आधार पर तथ्य सही थे या नहीं। संबंधित तहसीलदार और नायब तहसीलदार प्रत्येक व्यक्तिगत मामले में संक्षिप्त जांच करेंगे। इस जांच में पंचायत सचिव, वीआरओ, पंचायत प्रधान और संबंधित वार्ड सदस्य की एक समिति से परामर्श लिया जाएगा। यह कार्य 15 सितंबर तक पूरा कर रिपोर्ट कार्यालय में जमा करनी होगी। उपमंडल अधिकारी ने इस मामले को अत्यंत आवश्यक और समयबद्ध बताया है। तहसीलदार और नायब तहसीलदार व्यक्तिगत मामलों की जांच करेंगे। इसमें पंचायत सचिव, वीआरओ, ग्राम पंचायत प्रधान और वार्ड सदस्य शामिल होंगे। समिति वास्तविक आय और आर्थिक स्थिति का सत्यापन करेगी। प्रमाणपत्र जारी करने के आधारभूत तथ्यों की भी जांच की जाएगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर।
रामपुर बुशहर उपमंडल में बीपीएल श्रेणी के तहत जारी आय प्रमाण पत्रों का पुनर्सत्यापन किया जाएगा। एसडीएम हर्ष अमरेंद्र नेगी ने इस संबंध में सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। यह प्रक्रिया उन प्रमाणपत्रों के लिए होगी जिनकी वार्षिक आय 50 हजार रुपये और 75 हजार रुपये तक दर्शायी गई है। पुनर्सत्यापन का उद्देश्य वास्तविक आय और आर्थिक स्थिति की जांच करना है। साथ ही, यह भी देखा जाएगा कि प्रमाणपत्र जारी करने के आधार पर तथ्य सही थे या नहीं। संबंधित तहसीलदार और नायब तहसीलदार प्रत्येक व्यक्तिगत मामले में संक्षिप्त जांच करेंगे। इस जांच में पंचायत सचिव, वीआरओ, पंचायत प्रधान और संबंधित वार्ड सदस्य की एक समिति से परामर्श लिया जाएगा। यह कार्य 15 सितंबर तक पूरा कर रिपोर्ट कार्यालय में जमा करनी होगी। उपमंडल अधिकारी ने इस मामले को अत्यंत आवश्यक और समयबद्ध बताया है। तहसीलदार और नायब तहसीलदार व्यक्तिगत मामलों की जांच करेंगे। इसमें पंचायत सचिव, वीआरओ, ग्राम पंचायत प्रधान और वार्ड सदस्य शामिल होंगे। समिति वास्तविक आय और आर्थिक स्थिति का सत्यापन करेगी। प्रमाणपत्र जारी करने के आधारभूत तथ्यों की भी जांच की जाएगी।