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ग्यांह में माहसू देवता के डोरिया की हुई स्थापना
Updated Fri, 14 Sep 2018 10:12 PM IST
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मंदिर में स्थापित की गईं पौराणिक मूर्तियां
ग्रामीणों ने महासू देवता के स्मृति चिन्ह डोरिया की स्थापना की
गयांह निवासी को खेत की खुदाई के दौरान मिली थीं मूर्तियां
अमर उजाला ब्यूरो
नेरवा (रोहड़ू)। मानु भाविया पंचायत के अंतर्गत गयांह स्थिति मंदिर में ग्रामीणों की ओर से महासू देवता के स्मृति चिन्ह डोरिया की स्थापना की गई। मंदिर के जीर्णोद्धार के बाद पुरातन प्रतिमाओं को भी मंदिर में स्थापित कर दिया गया है। इस अवसर पर काफी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
ग्राम पंचायत मानु-भाविया के पंचायत समिति सदस्य आचार्य मनोहर शर्मा ने बताया कि मंदिर में स्थापित की गई मूर्तियां गयांह निवासी केसरु को आज से साठ साल पहले खेत की खुदाई करने के दौरान मिली थीं। मूर्तियां मिलने के बाद इन्हें मंदिर के बाहर रख दिया गया था और तब से इनकी पूजा होती आ रही है। पत्थरों की बनी इन मूर्तियों पर जो कलाकृतियाँ बनी हैं वह कोणार्क सूर्य मंदिर में बनी कलाकृतियों से मेल खाती नजर आती हैं। आज इन मूर्तियों को मंदिर के सामने चौंरा में स्थापित कर दिया गया है। मनोहर शर्मा ने कहा कि यह मूर्तियां अति दुर्लभ और प्राचीन हैं।
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ग्रामीणों ने महासू देवता के स्मृति चिन्ह डोरिया की स्थापना की
गयांह निवासी को खेत की खुदाई के दौरान मिली थीं मूर्तियां
अमर उजाला ब्यूरो
नेरवा (रोहड़ू)। मानु भाविया पंचायत के अंतर्गत गयांह स्थिति मंदिर में ग्रामीणों की ओर से महासू देवता के स्मृति चिन्ह डोरिया की स्थापना की गई। मंदिर के जीर्णोद्धार के बाद पुरातन प्रतिमाओं को भी मंदिर में स्थापित कर दिया गया है। इस अवसर पर काफी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
ग्राम पंचायत मानु-भाविया के पंचायत समिति सदस्य आचार्य मनोहर शर्मा ने बताया कि मंदिर में स्थापित की गई मूर्तियां गयांह निवासी केसरु को आज से साठ साल पहले खेत की खुदाई करने के दौरान मिली थीं। मूर्तियां मिलने के बाद इन्हें मंदिर के बाहर रख दिया गया था और तब से इनकी पूजा होती आ रही है। पत्थरों की बनी इन मूर्तियों पर जो कलाकृतियाँ बनी हैं वह कोणार्क सूर्य मंदिर में बनी कलाकृतियों से मेल खाती नजर आती हैं। आज इन मूर्तियों को मंदिर के सामने चौंरा में स्थापित कर दिया गया है। मनोहर शर्मा ने कहा कि यह मूर्तियां अति दुर्लभ और प्राचीन हैं।
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