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सड़क दुर्घटना से खुली कुमारसैन अस्पताल की पोल
Updated Wed, 27 Jun 2018 10:00 PM IST
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कुमारसैन (रामपुर बुशहर)। सिविल अस्पताल कुमारसैन में सुविधाओं और स्टाफ की कमी की पोल उस समय खुल गई जब नारकंडा के बतनाल में दुर्घटना में मारे गए युवाओं के शवों को पोस्टमार्टम के लिए कुमारसैन लाया गया। शव गृह के सामने मिट्टी के ढेर लगे होने से शवों को पूरी रात भर बाहर ही रखना पड़ा और पुलिस को रात भर शवों की चौकीदारी करनी पड़ी।
कुमारसैन अस्पताल में बीएमओ सहित डॉक्टर और स्टाफ के अधिकतर पद खाली चल रहे हैं। केवल एकमात्र डॉक्टर है जो डेपुटेशन पर सेवाएं दे रहा है। ऐसे में मृतकों के परिजनों को बुधवार को दोपहर बाद ही शव मिल सके। डॉक्टर की कमी के कारण पोस्टमार्टम में बहुत समय लग गया। इसके कारण परिजनों को शवों को लेने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। अस्पताल में मरीजों को लाने, ले जाने के लिए मात्र एक ही स्ट्रेचर है जिससे काम चलाया जा रहा है। स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि और जनता लंबे समय से अस्पताल में रिक्त पदों को भरने की मांग कर रहे हैं लेकिन विभाग इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। इसका खामियाजा स्थानीय जनता को भुगतना पड़ रहा है। एक और तो स्वास्थ्य विभाग प्रदेश में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के दावे करता है लेकिन जमीनी स्तर पर हकीकत कुछ और ही है। उधर, लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन उमेश शर्मा ने बताया कि नए अस्पताल भवन का निर्माण कार्य चल रहा है, जिसके कारण मलबे का ढेर लगा हुआ है। अस्पताल के लिए नए शव गृह का निर्माण कार्य भी जल्द पूरा किया जाएगा।
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कुमारसैन अस्पताल में बीएमओ सहित डॉक्टर और स्टाफ के अधिकतर पद खाली चल रहे हैं। केवल एकमात्र डॉक्टर है जो डेपुटेशन पर सेवाएं दे रहा है। ऐसे में मृतकों के परिजनों को बुधवार को दोपहर बाद ही शव मिल सके। डॉक्टर की कमी के कारण पोस्टमार्टम में बहुत समय लग गया। इसके कारण परिजनों को शवों को लेने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। अस्पताल में मरीजों को लाने, ले जाने के लिए मात्र एक ही स्ट्रेचर है जिससे काम चलाया जा रहा है। स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि और जनता लंबे समय से अस्पताल में रिक्त पदों को भरने की मांग कर रहे हैं लेकिन विभाग इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। इसका खामियाजा स्थानीय जनता को भुगतना पड़ रहा है। एक और तो स्वास्थ्य विभाग प्रदेश में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के दावे करता है लेकिन जमीनी स्तर पर हकीकत कुछ और ही है। उधर, लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन उमेश शर्मा ने बताया कि नए अस्पताल भवन का निर्माण कार्य चल रहा है, जिसके कारण मलबे का ढेर लगा हुआ है। अस्पताल के लिए नए शव गृह का निर्माण कार्य भी जल्द पूरा किया जाएगा।
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