{"_id":"5b9941f6867a55013d11a10d","slug":"181536770550-rampur-bushahar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दैनिक भोगियों के लिए स्थाई नीति बनाए सरकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दैनिक भोगियों के लिए स्थाई नीति बनाए सरकार
Updated Wed, 12 Sep 2018 10:12 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
स्थायी नीति नहीं बनने पर जताया रोष
वन विभाग के दैनिक भोगियों ने मुख्यमंत्री को भेजा पत्र
चेताया, जल्द नहीं बनी नीति तो जाएंगे कोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
रामपुर बुशहर। वन विभाग में तैनात दैनिक वेतन भोगियों ने स्थायी नीति नहीं बनने पर रोष जताया है। इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर जल्द से जल्द उनके लिए स्थायी नीति बनाने की मांग की है। उन्होंने सरकार को चेताया है कि यदि जल्द ही उनके लिए कोई पॉलिसी बनाकर नियमित नहीं किया गया तो वे कोर्ट का दरवाजा खटखटाने के लिए मजबूर हो जाएंगे।
वन विभाग में सेवाएं दे रहे रामपुर क्षेत्र दैनिक वेतन भोगी यूनियन के प्रधान संतोष खौश, बिमला देवी, संजिता देवी, भागमणी, गुड्डी देवी सहित अन्य ने कहा कि वे बीते 8-10 वर्ष से वन विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। अधिकतर दैनिक भोगियों की आयु आज 40 वर्ष से अधिक हो गई है, अभी भी वे नियमितीकरण की आस लगाए बैठे हैं। दैनिक भोगी मजदूरों ने सरकार की नियमितीकरण की सभी शर्तों को पूरा कर दिया है, बावजूद इसके सरकार उनकी अनदेखी कर रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से गुहार लगाई है कि गरीब मजदूरों की आर्थिक समस्याओं को देखते हुए वन विभाग में पदों के सृजन करवाने के आदेश जारी किए जाएं। यदि जल्द ही दैनिक भोगियों की मांग को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो उन्हें मजबूरन न्यायालय का दरवाजा खटखटाना होगा।
विज्ञापन
वन विभाग के दैनिक भोगियों ने मुख्यमंत्री को भेजा पत्र
चेताया, जल्द नहीं बनी नीति तो जाएंगे कोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
रामपुर बुशहर। वन विभाग में तैनात दैनिक वेतन भोगियों ने स्थायी नीति नहीं बनने पर रोष जताया है। इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर जल्द से जल्द उनके लिए स्थायी नीति बनाने की मांग की है। उन्होंने सरकार को चेताया है कि यदि जल्द ही उनके लिए कोई पॉलिसी बनाकर नियमित नहीं किया गया तो वे कोर्ट का दरवाजा खटखटाने के लिए मजबूर हो जाएंगे।
वन विभाग में सेवाएं दे रहे रामपुर क्षेत्र दैनिक वेतन भोगी यूनियन के प्रधान संतोष खौश, बिमला देवी, संजिता देवी, भागमणी, गुड्डी देवी सहित अन्य ने कहा कि वे बीते 8-10 वर्ष से वन विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। अधिकतर दैनिक भोगियों की आयु आज 40 वर्ष से अधिक हो गई है, अभी भी वे नियमितीकरण की आस लगाए बैठे हैं। दैनिक भोगी मजदूरों ने सरकार की नियमितीकरण की सभी शर्तों को पूरा कर दिया है, बावजूद इसके सरकार उनकी अनदेखी कर रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से गुहार लगाई है कि गरीब मजदूरों की आर्थिक समस्याओं को देखते हुए वन विभाग में पदों के सृजन करवाने के आदेश जारी किए जाएं। यदि जल्द ही दैनिक भोगियों की मांग को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो उन्हें मजबूरन न्यायालय का दरवाजा खटखटाना होगा।
विज्ञापन