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मिशन रीव के तहत घरद्वार पहुंचेगी सेवाएं
Updated Tue, 12 Dec 2017 06:57 PM IST
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गांवों में घरद्वार मिलेगी स्वास्थ्य, बैंक सुविधा
मिशन रीव के तहत मिलेगी सेवाएं, जिला समन्वयक ने काम किया शुरू
पंचायत फैसिलिटेटर भी सुन रहे लोगों की समस्याएं
अमर उजाला ब्यूरो
आनी (कुल्लू)।
ग्रामीण क्षेत्रों को विभिन्न प्रकार की तकनीकी सेवाओं के लिए अब शहरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी। अब ये सेवाएं ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को घरद्वार उपलब्ध करवाई जाएंगी। इनमें स्वास्थ्य, शिक्षा, बैंकिंग, सरकारी योजनाओं के आवेदनों सहित लगभग 20 प्रकार की सेवाएं शामिल हैं। पायलट परियोजना के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश को चुना गया है। इसके सफल परिणाम के बाद इसी परियोजना को देश की लगभग 2 लाख 48 हजार ग्राम पंचायतों में मार्च 2019 तक लागू किया जाएगा। इसके लिए जिला समन्वयक के साथ-साथ पंचायतों में फैसिलिटेटरों ने कार्य करना शुरू कर दिया है।
आनी विकास खंड की ग्राम पंचायत शिल्ली के पंचायत फैसिलिटेटर सतपाल, पवन, ग्राम पंचायत जाबन की वंदना, कल्पना ठाकुर और बखनाओ की सपना शर्मा ने बताया कि मिशन रीव के तहत लोगों की समस्याओं को सुनने का मौका मिल रहा है। सशक्त ग्रामीण विकास के संदर्भ में पंचायत प्रतिनिधियों से विचार विमर्श कर क्षेत्र की समस्याओं का जमीनी स्तर पर पता चल रहा है। इसके समाधान की कोशिश की जाएगी। इस मिशन की खास बात यह है कि सभी प्रकार की सेवाएं मिशन रीव की वेबसाइट और विशेष रूप से निर्मित सॉफ्टवेयर के माध्यम से उपलब्ध होंगी। हर उपभोक्ता का अपनी लॉग इन आईडी भी होगी। डिजिटल इंडिया की दिशा में यह एक अनूठा प्रयास है। इस मिशन के तहत आईआईआरडी की विशेष टीम पंचायत स्तर तक जाकर लोगों को उनके घरों में वे सभी सुविधाएं तय समय में उपलब्ध करवाएगी, जिनके लिए अकसर लोगों को हफ्तों और कई बार महीनों इंतजार करना पड़ता है। इसके तहत ब्लड प्रेशर, शुगर और तनाव जैसी बीमारियों के उपचार और इनसे बचाव के बारे में गांवों के लोगों को जागरूक करने के लिए मिशन रीव एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। खासकर युवाओं को उनके बेहतर भविष्य की नीव रखने में सहयोग देगा। इसके तहत व्यवसाय सहित घरेलू सेवाओं को भी शामिल किया गया है और साथ ही अगर कोई प्राकृतिक घटना घटती है तो उस स्थिति में भी प्रभावितों को आर्थिक सहायता दी जाएगी।
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मिशन रीव के तहत मिलेगी सेवाएं, जिला समन्वयक ने काम किया शुरू
पंचायत फैसिलिटेटर भी सुन रहे लोगों की समस्याएं
अमर उजाला ब्यूरो
आनी (कुल्लू)।
ग्रामीण क्षेत्रों को विभिन्न प्रकार की तकनीकी सेवाओं के लिए अब शहरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी। अब ये सेवाएं ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को घरद्वार उपलब्ध करवाई जाएंगी। इनमें स्वास्थ्य, शिक्षा, बैंकिंग, सरकारी योजनाओं के आवेदनों सहित लगभग 20 प्रकार की सेवाएं शामिल हैं। पायलट परियोजना के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश को चुना गया है। इसके सफल परिणाम के बाद इसी परियोजना को देश की लगभग 2 लाख 48 हजार ग्राम पंचायतों में मार्च 2019 तक लागू किया जाएगा। इसके लिए जिला समन्वयक के साथ-साथ पंचायतों में फैसिलिटेटरों ने कार्य करना शुरू कर दिया है।
आनी विकास खंड की ग्राम पंचायत शिल्ली के पंचायत फैसिलिटेटर सतपाल, पवन, ग्राम पंचायत जाबन की वंदना, कल्पना ठाकुर और बखनाओ की सपना शर्मा ने बताया कि मिशन रीव के तहत लोगों की समस्याओं को सुनने का मौका मिल रहा है। सशक्त ग्रामीण विकास के संदर्भ में पंचायत प्रतिनिधियों से विचार विमर्श कर क्षेत्र की समस्याओं का जमीनी स्तर पर पता चल रहा है। इसके समाधान की कोशिश की जाएगी। इस मिशन की खास बात यह है कि सभी प्रकार की सेवाएं मिशन रीव की वेबसाइट और विशेष रूप से निर्मित सॉफ्टवेयर के माध्यम से उपलब्ध होंगी। हर उपभोक्ता का अपनी लॉग इन आईडी भी होगी। डिजिटल इंडिया की दिशा में यह एक अनूठा प्रयास है। इस मिशन के तहत आईआईआरडी की विशेष टीम पंचायत स्तर तक जाकर लोगों को उनके घरों में वे सभी सुविधाएं तय समय में उपलब्ध करवाएगी, जिनके लिए अकसर लोगों को हफ्तों और कई बार महीनों इंतजार करना पड़ता है। इसके तहत ब्लड प्रेशर, शुगर और तनाव जैसी बीमारियों के उपचार और इनसे बचाव के बारे में गांवों के लोगों को जागरूक करने के लिए मिशन रीव एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। खासकर युवाओं को उनके बेहतर भविष्य की नीव रखने में सहयोग देगा। इसके तहत व्यवसाय सहित घरेलू सेवाओं को भी शामिल किया गया है और साथ ही अगर कोई प्राकृतिक घटना घटती है तो उस स्थिति में भी प्रभावितों को आर्थिक सहायता दी जाएगी।
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