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स्थायी नीति बनाएं, विभाग के अधीन लाएं
Updated Sun, 20 May 2018 07:32 PM IST
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ओएसडी को ज्ञापन देते
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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अमर उजाला ब्यूरो
आनी (कुल्लू)।
हिमाचल प्रदेश जलरक्षक संघ की जिला कुल्लू इकाई ने मुख्यमंत्री के ओएसडी शिशु धर्मा के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन के माध्यम से जलरक्षकों ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से उनके लिए स्थायी नीति बनाने, उन्हें पंचायतों के अधीन न रखकर सीधा आईपीएच विभाग के अधीन लाने की मांग की है।
जलरक्षकों ने मांग की है कि पांच साल पूरा कर चुके जलरक्षकों को दिहाड़ीदार बनाया जाए। 10 साल का कार्यकाल पूरा करने वाले जलरक्षकों को नियमित करें। जलरक्षकों ने कहा कि प्रदेश भर में 6300 जलरक्षक पंचायतों के माध्यम से आईपीएच की पेयजल योजनाओं और लाइन की देखरेख कर रहे हैं। प्रशिक्षण प्राप्त जलरक्षक केवल आईपीएच में कर्मचारियों की कमी के चलते आउटसोर्सिंग आधार पर भर्ती किए गए हैं। वे पिछले एक दशक से कभी 1200 तो कभी 1700 रुपये पर कार्यरत हैं। यह मानदेय भी हर माह की बजाय कई कई माह बाद मिल रहा। शिशु धर्मा ने जलरक्षकों को आश्वासन दिया कि इस विषय पर मुख्यमंत्री और आईपीएच मंत्री से बात करेंगे।
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आनी (कुल्लू)।
हिमाचल प्रदेश जलरक्षक संघ की जिला कुल्लू इकाई ने मुख्यमंत्री के ओएसडी शिशु धर्मा के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन के माध्यम से जलरक्षकों ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से उनके लिए स्थायी नीति बनाने, उन्हें पंचायतों के अधीन न रखकर सीधा आईपीएच विभाग के अधीन लाने की मांग की है।
जलरक्षकों ने मांग की है कि पांच साल पूरा कर चुके जलरक्षकों को दिहाड़ीदार बनाया जाए। 10 साल का कार्यकाल पूरा करने वाले जलरक्षकों को नियमित करें। जलरक्षकों ने कहा कि प्रदेश भर में 6300 जलरक्षक पंचायतों के माध्यम से आईपीएच की पेयजल योजनाओं और लाइन की देखरेख कर रहे हैं। प्रशिक्षण प्राप्त जलरक्षक केवल आईपीएच में कर्मचारियों की कमी के चलते आउटसोर्सिंग आधार पर भर्ती किए गए हैं। वे पिछले एक दशक से कभी 1200 तो कभी 1700 रुपये पर कार्यरत हैं। यह मानदेय भी हर माह की बजाय कई कई माह बाद मिल रहा। शिशु धर्मा ने जलरक्षकों को आश्वासन दिया कि इस विषय पर मुख्यमंत्री और आईपीएच मंत्री से बात करेंगे।
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