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आगे-आगे मैटलिंग, पीछे उखड़ रही सड़क
Updated Mon, 15 Jan 2018 07:44 PM IST
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सड़क
- फोटो : अमर उजाला ब्यूराे
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नेरवा (रोहड़ू)। नेशनल हाईवे-707 पर हो रही मैटलिंग पर सवाल उठ रहे हैं। पांवटा से फेडिज पुल तक 109 किलोमीटर मार्ग की मैटलिंग के टेंडर दो चरणों में लगे हैं। पहले चरण में जिला सिरमौर के पांवटा से बोहराड़ नाला तक यह मार्ग पक्का हो चुका है। इससे आगे मैटलिंग का कार्य अभी जारी है। लेकिन सड़क पर हो रही मैटलिंग की गुणवत्ता ठीक नहीं है। आगे मैटिलंग की जा रही और पीछे यह उखड़ रही है।
मार्ग पर दूसरे चरण में हुई सिरमौर के उत्तरीधार से कांडोधार तक 13 किलोमीटर मार्ग की मैटलिंग छह माह भी नहीं टिक पाई। सड़क की मैटलिंग बुरी तरह से उखड़ गई है। इन दिनों फेडिज पुल व मीनस पुल के मध्य इस मार्ग पर गटका बिछाने का कार्य किया जा रहा है। मैटलिंग का कार्य करने वाली कंपनी की ओर से बिछाया जा रहा गटका मापदंडों के अनुरूप नहीं है। सड़क पर बिछाया जा रहा गटका कच्चे पत्थर का है, जबकि विभाग दावा कर रहा है कि गटके में बिछाए जाने वाला पत्थर प्रयोगशाला की ओर से प्रमाणित किया गया है। गौरतलब है कि चौपाल उपमंडल के अलावा रोहड़ू, रामपुर व सिरमौर क्षेत्र को लाभान्वित करने वाले इस मार्ग की मैटलिंग का कार्य शुरू से ही विवादों में रहा है। इससे पूर्व दो बार सड़क की मैटलिंग कार्य के टेंडर रद्द भी हो चुके हैं। इस कार्य में विभागीय कमीशन कल्चर के आरोप भी लगते आए हैं। मीडिया ने भी इसका खुलासा किया था। इसमें कंपनी के एक कर्मचारी ने आरोप लगाया था कि कमीशन नहीं देने पर कहीं पर कोई बिल पास नहीं होता। लिहाजा कार्य की गुणवत्ता में कमी रह जाती है।
मैटलिंग की होगी जांच : बीके अग्रवाल
एनएच प्राधिकरण के मंडल नाहन के अधिशासी अभियंता बीके अग्रवाल ने बताया कि मैटलिंग कार्य के लिए प्रयोगशाला की ओर से पास किए गए पत्थर का गटका ही बिछाया जाता है। कंपनी की ओर से यदि किसी परकार की अवहेलना की जा रही है तो मैटलिंग की जांच की जाएगी।
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मार्ग पर दूसरे चरण में हुई सिरमौर के उत्तरीधार से कांडोधार तक 13 किलोमीटर मार्ग की मैटलिंग छह माह भी नहीं टिक पाई। सड़क की मैटलिंग बुरी तरह से उखड़ गई है। इन दिनों फेडिज पुल व मीनस पुल के मध्य इस मार्ग पर गटका बिछाने का कार्य किया जा रहा है। मैटलिंग का कार्य करने वाली कंपनी की ओर से बिछाया जा रहा गटका मापदंडों के अनुरूप नहीं है। सड़क पर बिछाया जा रहा गटका कच्चे पत्थर का है, जबकि विभाग दावा कर रहा है कि गटके में बिछाए जाने वाला पत्थर प्रयोगशाला की ओर से प्रमाणित किया गया है। गौरतलब है कि चौपाल उपमंडल के अलावा रोहड़ू, रामपुर व सिरमौर क्षेत्र को लाभान्वित करने वाले इस मार्ग की मैटलिंग का कार्य शुरू से ही विवादों में रहा है। इससे पूर्व दो बार सड़क की मैटलिंग कार्य के टेंडर रद्द भी हो चुके हैं। इस कार्य में विभागीय कमीशन कल्चर के आरोप भी लगते आए हैं। मीडिया ने भी इसका खुलासा किया था। इसमें कंपनी के एक कर्मचारी ने आरोप लगाया था कि कमीशन नहीं देने पर कहीं पर कोई बिल पास नहीं होता। लिहाजा कार्य की गुणवत्ता में कमी रह जाती है।
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मैटलिंग की होगी जांच : बीके अग्रवाल
एनएच प्राधिकरण के मंडल नाहन के अधिशासी अभियंता बीके अग्रवाल ने बताया कि मैटलिंग कार्य के लिए प्रयोगशाला की ओर से पास किए गए पत्थर का गटका ही बिछाया जाता है। कंपनी की ओर से यदि किसी परकार की अवहेलना की जा रही है तो मैटलिंग की जांच की जाएगी।
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