फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Rampur Bushahar News ›   काजा घूमने जा रहे जीजा और साले का था आखिरी सफर

काजा घूमने जा रहे जीजा और साले का था आखिरी सफर

Mon, 24 Jun 2019 11:30 AM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 24 Jun 2019 11:30 AM IST
विज्ञापन

सांगला (किन्नौर)। चंडीगढ़ से काजा घूमने जा रहे जीजा और साले को क्या मालूम था कि कल्पा से काजा का सफर उनका अंतिम सफर होगा। शुक्रवार को वे चंडीगढ़ से काजा घूमने के लिए निकले थे और शनिवार को कल्पा पहुंचे थे। योजना बनाकर रविवार को सुबह सवेरे ही कल्पा से निकले ईशान और उसके साले सुनील को क्या पता था कि पांगी और काशंग के पास मौत उनका इंतजार कर रही है। ये दोनों बुलेट पर काजा जा रहे थे। एनएच पांच पर पहाड़ी से गिरी चट्टानों की चपेट में आने से दोनों की मौके पर मौत हो गई।

विज्ञापन


उधर, चंडीगढ़ में जब परिजनों को हादसे की सूचना मिली तो मृतक ईशान के पिता सुशील शर्मा और मृतक सुनील के पिता उत्तम के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। हादसे की सूचना मिलते ही दोनों मृतकों के संबंधी रोते बिलखते हुए रिकांगपिओ पहुंचे। नेशनल हाईवे पर इससे पहले भी कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं तो कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं। वहीं, दर्जनों लोग चोटिल भी हुए हैं।
विज्ञापन


जिले के लोगों की बार-बार की मांग के बावजूद सड़क किनारे पहाड़ी से जानलेवा चट्टानों को हटाने का काम आज दिन तक नहीं हो पाया है। कई हादसे होने के बावजूद प्रदेश सरकार, सीमा सड़क संगठन और जिला प्रशासन इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे। जिले में कई जगह सड़कों पर पहाड़ी से चट्टानें गिरने का खतरा बना हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन


जिले के जियालाल नेगी, भुवनेश्वर नेगी, दलीप नेगी, वीरेंद्र नेगी, सुरेंद्र नेगी, प्रताप नेगी, दीपक नेगी, दिव्या नेगी, त्रिलोक सिंह नेगी, मुकेश नेगी, निर्मल नेगी, दुर्गा दास नेगी सहित अन्य लोगों ने कहा कि एनएच को चौड़ा करने के दौरान हैवी ब्लास्टिंग भी की गई है, जिससे पहाड़ी से चट्टानें गिर रही हैं। उन्होंने सरकार, जिला प्रशासन और सीमा सड़क संगठन से समय रहते सड़क किनारे जोखिम भरे स्थानों पर पहाड़ी से जानलेवा चट्टानों को हटाने की मांग की है।


उधर, सीमा सड़क संगठन के ओसी पोवारी डीके राघव ने कहा कि सड़क चौड़ा करने के दौरान हैवी ब्लास्टिंग नहीं की जा रही है। मापदंडों के मुताबिक ही ब्लास्टिंग की जा रही है। जिले के कई क्षेत्रों में पहाड़ी से चट्टानें अक्सर गिरती रहती हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed