{"_id":"5cbb48d6bdec22142901b1e7","slug":"155577782013-rampur-hp-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अपने पास दवाइयों का पूरा स्टॉक, फिर बाहर से दवा क्यों खरीद रहा प्रशासन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अपने पास दवाइयों का पूरा स्टॉक, फिर बाहर से दवा क्यों खरीद रहा प्रशासन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
ठियोग (रामपुर बुशहर)। सिविल अस्पताल ठियोग में दवाइयों को जलाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। आस्था फाउंडेशन ने इसमें बड़े गड़बड़झाले की आशंका जताई है। शनिवार को प्रेसवार्ता में संस्था ने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं।
आरोप लगाया गया कि अस्पताल में दवाइयों के एक्सपायर होने का इंतजार किया जाता है। अस्पताल में आने वाले मरीजों को दवाइयां नहीं मिलती हैं। अस्पताल प्रशासन ब्लॉक में दवाइयां होने के बावजूद भी बाहर से दवाइयों की खरीद कर रहा है। यह किसी घपले की ओर इशारा कर रहा है।
विज्ञापन
संस्था ने पिछले साल दवाओं की खरीद की जानकारी के लिए आरटीआई मांगी थी। जो मुहैया नहीं करवाई गई। जेनेरिक स्टोर बाहरी दवाइयां और कॉस्मेटिक बेच रहा है। यह गलत है। बीएमओ ब्लॉक से दवाइयां नहीं ली जा रही। जेनरिक स्टोर को निजी दुकान की तरह चलाया जा रहा है। 2018 में 02-06-2018 को 2450 पेरासिटामोल, 12-06-2018 को 1000, 18-06-2018 को 3500 और 12-07-2018 को 2100 गोलियां खरीदी गईं।
विज्ञापन
जबकि पेरासिटामोल का ब्लॉक में पूरा स्टॉक था। बावजूद इसके बाहर से दवाइयों की खरीद की गई। संस्था के अध्यक्ष बीआर शर्मा ने मामले की जांच करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं की गई तो कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। इस मौके पर संस्था के उपाध्यक्ष सुशील शर्मा, सदस्य दिनेश शर्मा मौजूद रहे।
ये है मामला
अस्पताल के साथ एक पुराने रिहायशी मकान में शुक्रवार को कमरे से धुआं उठता देख आस्था फाउंडेशन के अध्यक्ष बीआर शर्मा ने अस्पताल प्रशासन को इसकी सूचना दी। इस पर बताया गया कि कुछ पुराने कागज और रद्दी को जलाया गया है। बाहर से ताला लगा था। इस पर पुलिस को बुलाया गया। मौके पर ताला तोड़ा गया तो पता चला कि कमरे में एक्सपायरी डेट की दवाइयां जलाई गई हैं।
वहीं एसएमओ ठियोग दलीप टेक्टा ने कहा कि जो दवाएं जलाई गईं उनकी डेट एक्सपायर थी। शिमला और मतियाना खंड से दवाएं न मिलने पर जैनरिक स्टोर से दवाएं खरीदी जाती हैं।