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जिला किन्नौर में कई अहम विषयों के शिक्षकों का टोटा
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किन्नौर में शिक्षकों के पद खाली, पढ़ाई प्रभावित
शिक्षा व्यवस्था पर सवाल, 285 स्वीकृत पदों में से 69 पद रिक्त
कई स्कूलों में प्रिंसिपल और मुख्य अध्यापक ही तैनात नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
रिकांगपिओ (किन्नौर)। जिला किन्नौर में 32 सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में शिक्षकों के पद खाली चल रहे हैं। 285 स्वीकृत पदों में से 69 पद रिक्त हैं। बच्चों के अभिभावकों में इस बात को लेकर रोष है कि इस संबंध मेें कई बार शिक्षा विभाग के अधिकारियों को समस्या से अवगत करवाया जा चुका है, बावजूद इसके अभी तक रिक्त पदों को भरने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है।
जनजातीय जिला किन्नौर के सीनियर सेकेंडरी स्कूल में प्रिंसिपल के 32 पद स्वीकृत हैं इसमें से 6 पद रिक्त चल रहे हैं। जिला के छोटा कंबा स्कूल में जून 2016 और शोंग, रूपी, कटगांव, मीरू और सापनी में प्रिंसिपल का पद कई सालों से खाली चल रहा है। इसी प्रकार से मुख्य अध्यापक के 20 पद स्वीकृत हैं, लेकिन 8 पद खाली चल रहे हैं। बड़ा कंबा, नेसंग, हांगों, पानवी, यांगपा प्रथम, नाथपा, शलकर और ठंगी के स्कूलों में मुख्य अध्यापक के पद खाली पड़े हुए हैं।
कॉमर्स शिक्षकों के 25 पद के स्वीकृति होने पर 12 पद खाली पड़े हुई हैं, जिनमें सांगला और उरनी स्कूल में 2001 और पांगी, किल्बा, रक्षम, चगांव और सापनी में 2002 से कॉमर्स शिक्षकों के पद रिक्त पड़े हुए हैं। किन्नौर में पीजीटी के 24 शिक्षकों के पद स्वीकृत हैं, जिनमें 12 शिक्षकों के पद खाली चल रहे हैं। भौतिक विज्ञान के 9 पद स्वीकृत होने पर 6 पद रिक्त चल रहे हैं। रसायन विज्ञान के 9 पद में से 7 शिक्षकों के पद और अर्थशास्त्र के 3 पद, गणित के 5 पद, अंग्रेजी विषय के 32 शिक्षक में से 5 पद कई सालों से खाली चल रहे हैं। किन्नौर में सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में करीब 1121 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
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वहीं उच्च शिक्षा उप निदेशक किन्नौर योगेंद्र मखैक ने शिक्षकों के रिक्त पदों की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि विभाग समय-समय पर निदेशालय शिक्षा विभाग शिमला को इन रिक्त पदों के संबंध मेें जानकारी भेजता रहता है। शिक्षकों की भर्ती करना सरकार के अधिकार क्षेत्र में है।
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शिक्षा व्यवस्था पर सवाल, 285 स्वीकृत पदों में से 69 पद रिक्त
कई स्कूलों में प्रिंसिपल और मुख्य अध्यापक ही तैनात नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
रिकांगपिओ (किन्नौर)। जिला किन्नौर में 32 सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में शिक्षकों के पद खाली चल रहे हैं। 285 स्वीकृत पदों में से 69 पद रिक्त हैं। बच्चों के अभिभावकों में इस बात को लेकर रोष है कि इस संबंध मेें कई बार शिक्षा विभाग के अधिकारियों को समस्या से अवगत करवाया जा चुका है, बावजूद इसके अभी तक रिक्त पदों को भरने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है।
जनजातीय जिला किन्नौर के सीनियर सेकेंडरी स्कूल में प्रिंसिपल के 32 पद स्वीकृत हैं इसमें से 6 पद रिक्त चल रहे हैं। जिला के छोटा कंबा स्कूल में जून 2016 और शोंग, रूपी, कटगांव, मीरू और सापनी में प्रिंसिपल का पद कई सालों से खाली चल रहा है। इसी प्रकार से मुख्य अध्यापक के 20 पद स्वीकृत हैं, लेकिन 8 पद खाली चल रहे हैं। बड़ा कंबा, नेसंग, हांगों, पानवी, यांगपा प्रथम, नाथपा, शलकर और ठंगी के स्कूलों में मुख्य अध्यापक के पद खाली पड़े हुए हैं।
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कॉमर्स शिक्षकों के 25 पद के स्वीकृति होने पर 12 पद खाली पड़े हुई हैं, जिनमें सांगला और उरनी स्कूल में 2001 और पांगी, किल्बा, रक्षम, चगांव और सापनी में 2002 से कॉमर्स शिक्षकों के पद रिक्त पड़े हुए हैं। किन्नौर में पीजीटी के 24 शिक्षकों के पद स्वीकृत हैं, जिनमें 12 शिक्षकों के पद खाली चल रहे हैं। भौतिक विज्ञान के 9 पद स्वीकृत होने पर 6 पद रिक्त चल रहे हैं। रसायन विज्ञान के 9 पद में से 7 शिक्षकों के पद और अर्थशास्त्र के 3 पद, गणित के 5 पद, अंग्रेजी विषय के 32 शिक्षक में से 5 पद कई सालों से खाली चल रहे हैं। किन्नौर में सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में करीब 1121 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
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वहीं उच्च शिक्षा उप निदेशक किन्नौर योगेंद्र मखैक ने शिक्षकों के रिक्त पदों की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि विभाग समय-समय पर निदेशालय शिक्षा विभाग शिमला को इन रिक्त पदों के संबंध मेें जानकारी भेजता रहता है। शिक्षकों की भर्ती करना सरकार के अधिकार क्षेत्र में है।