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जनजातीय क्षेत्र में शरद ऋतू के लिए वेतन में बदलाव कर्मचारियों के हित में नहीं: जगत सिंह
Updated Wed, 29 Nov 2017 05:53 PM IST
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डीसी किन्नौर को ज्ञापन देते हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूराे
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अमर उजाला ब्यूरो
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रिकांगपिओ (किन्नौर)।
शरद ऋतु के लिए अग्रिम वेतन भुगतान व्यवस्था को आगामी वित्त वर्ष से बदलाव का हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ जिला इकाई ने विरोध किया है। महासंघ के पूर्व अध्यक्ष जगत सिंह नेगी, प्यारे लाल नेगी पूर्व संयुक्त सचिव हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ जिला किन्नौर इकाई, शमशेर डेरयान अध्यक्ष राष्ट्रीय प्राथमिक शिक्षक संघ किन्नौर ने नीति न बदलने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि इस विषय में प्रदेश सरकार का तर्क कि अब जनजातीय एवं दुर्गम क्षेत्रों में बैंक सीबीएस सेवाएं दे रहे हैं। अब सभी ट्रेजरी बैंकिंग ट्रेजरियां हैं। उन्होंने कहा कि यह कथन तर्क संगत नहीं हैं। जनजातीय एवं दुर्गम क्षेत्रों के कर्मचारियों को दिए जाने वालेे अग्रिम वेतन से वे 6 महीनों के लिए राशन, बालन, मिट्टी तेल और अन्य आवश्यक वस्तुओं को खरीदकर स्टॉक करते हैं।
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इससे उन्हें बर्फबारी के समय समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ता है। अब यदि व्यवस्था में बदलाव किया तो कोई भी कर्मचारी एक माह के वेतन से 6 माह का स्टॉक नहीं खरीद पाएगा। इससे उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। भारी वर्षा और हिमपात से कई क्षेत्रों का संपर्क टूट जाता है। ऐसी परिस्थितियों सें कर्मचारियों के लिए यह सीबीएस एवं बैंकिंग ट्रेजरी व्यवस्था फायदा नहीं दे पाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को चाहिए कि वे पुरानी व्यवस्था को बहाल कर कर्मचारियों के पक्ष में कदम उठाए।
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