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ज्यूरी पंचायत के 300 वोटरों के नाम गायब
Updated Thu, 09 Nov 2017 10:43 PM IST
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ज्यूरी (रामपुर बुशहर)। रामपुर (आरक्षित) विधानसभा क्षेत्र की ज्यूरी पंचायत के करीब 300 वोटरों के नाम मतदाता सूची से गायब हो गए। क्षेत्र के ये वोटर इस बार मताधिकार का प्रयोग नहीं कर पाए और बूथों से मायूस लौटे। इससे इन लोगों में खासी नाराजगी दिखी।
68 विधानसभा क्षेत्र के चुनाव के लिए ज्यूरी पंचायत के पोलिंग बूथ नंबर 128 और 129 में मतदान करने पहुंचे सैकड़ों वोटरों को मतदान किए बगैर मायूस लौटना पड़ा। वोटरों के पास अपने मतदाता फोटो पहचान पत्र तो थे, लेकिन उनके नाम वोटर लिस्ट से गायब थे। दो वर्ष पहले पंचायत चुनाव में ज्यूरी पंचायत में वोटरों की संख्या 1700 से अधिक थी। दो वर्षों के अंतराल में करीब चार सौ मतदाताओं के नाम लिस्ट से गायब हो गए हैं। हालांकि ज्यूरी पंचायत का एक वार्ड इन दोनों पोलिंग बूथ से बाहर हो गया है, लेकिन उस वार्ड में भी मात्र करीब 100 वोटर ही हैं।वोट देने से वंचित रहे मनोज टोलटा, प्यारे लाल, कमला देवी, चिंता देवी और भीष्मा देवी सहित अन्य ने कहा कि लोकतंत्र में सबसे बड़ा अधिकार मताधिकार ही है। वोटर लिस्ट में नाम न होने के कारण उन्हें मत डालने से वंचित रहना पड़ा। जबकि उन्होंने बीते पंचायत चुनाव में अपने मत का प्रयोग किया है।
कोट्स
उधर, निर्वाचन अधिकारी और एसडीएम रामपुर डॉ. निपुण जिंदल का कहना है कि इस मामले की छानबीन करने के बाद ही वह किसी निष्कर्ष पर पहुंच पाएंगे।
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68 विधानसभा क्षेत्र के चुनाव के लिए ज्यूरी पंचायत के पोलिंग बूथ नंबर 128 और 129 में मतदान करने पहुंचे सैकड़ों वोटरों को मतदान किए बगैर मायूस लौटना पड़ा। वोटरों के पास अपने मतदाता फोटो पहचान पत्र तो थे, लेकिन उनके नाम वोटर लिस्ट से गायब थे। दो वर्ष पहले पंचायत चुनाव में ज्यूरी पंचायत में वोटरों की संख्या 1700 से अधिक थी। दो वर्षों के अंतराल में करीब चार सौ मतदाताओं के नाम लिस्ट से गायब हो गए हैं। हालांकि ज्यूरी पंचायत का एक वार्ड इन दोनों पोलिंग बूथ से बाहर हो गया है, लेकिन उस वार्ड में भी मात्र करीब 100 वोटर ही हैं।वोट देने से वंचित रहे मनोज टोलटा, प्यारे लाल, कमला देवी, चिंता देवी और भीष्मा देवी सहित अन्य ने कहा कि लोकतंत्र में सबसे बड़ा अधिकार मताधिकार ही है। वोटर लिस्ट में नाम न होने के कारण उन्हें मत डालने से वंचित रहना पड़ा। जबकि उन्होंने बीते पंचायत चुनाव में अपने मत का प्रयोग किया है।
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उधर, निर्वाचन अधिकारी और एसडीएम रामपुर डॉ. निपुण जिंदल का कहना है कि इस मामले की छानबीन करने के बाद ही वह किसी निष्कर्ष पर पहुंच पाएंगे।