{"_id":"5b3397134f1c1bda6e8ba350","slug":"121530107667-rampur-bushahar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नोगली मेले में देवलुओं ने डाली नाटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नोगली मेले में देवलुओं ने डाली नाटी
Updated Wed, 27 Jun 2018 09:57 PM IST
विज्ञापन
नोगली मेले में नाटी डालते देवलु व अन्य।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नोगली मेले में देवलुओं ने डाली नाटी
शाड़ की जातर मेले में खूब उमड़ी भीड़
अमर उजाला ब्यूरो
रामपुर बुशहर। नोगली में शाड़ की जातर मेले के दौरान नाटियों का खूब दौर चला। मेले में चार देवी-देवता शिरकत कर रहे हैं। इसमें देवता साहिब लक्ष्मी नारायण, चंभू कशोली, नाग देवता तुनन और देवी गांवबिल शामिल हैं। तीन दिन तक चलने वाले इस मेले का आयोजन देवता साहिब लक्ष्मी नारायण की अगुवाई में हो रहा है। भड़ावली पंचायत में स्थित लक्ष्मी नारायण देवता पहले अपने पूरे क्षेत्र का भ्रमण करते हैं। इस दौरान वे कुमसू, कमलाऊ, मसारना, करेरी, छलावट और भड़ावली गांव का दौरा करते हैं। उसके बाद फिर से लक्ष्मी नारायण देवता अपने मंदिर जाते हैं। यहां से वे नोगली पहुंचते हैं। उनके यहां पर आने से नोगली मेला शुरू हो जाता है। हर गांव में उनका जोरदार स्वागत किया जाता है। इस दौरान गांव के लोग लक्ष्मी नारायण से सुख समृद्धि का आशीर्वाद लेते हैं। नोगली मेले में मुख्य आयोजक लक्ष्मी नारायण देवता बाहर से आए देवताओं का स्वागत करते हैं। इस मौके पर शिंगला के देवता भी आयोजक कमेटी के साथ अन्य देवताओं के स्वागत में शामिल होते हैं। बुधवार को सुबह से ही नोगली मेले के प्रांगण में देवलुओं की भीड़ जुटना शुरू हो गई। सभी देवता अपने देवलुओं के साथ प्रांगण में नाचते-गाते पहुंचे। हर देवता के साथ आए देवलुओं ने अपनी-अपनी जगह पर देवता को विराजमान किया। दोपहर बाद तक मेला मैदान में काफी भीड़ रही। खासकर महिलाओं में अपने ईष्ट देव के दर्शन करने के लिए खासा उत्साह दिखा। अपने क्षेत्र से दूर दराज ब्याही महिलाओं के लिए इस मेले में अपने देवता के दर्शन और अपनों से मिलने का एक विशेष मौका रहता है। वीरवार को यहां से दोपहर बाद देवताओं की विदाई की जाएगी। मेला कमेटी के प्रधान कृष्ण गोपाल भारद्वाज ने बताया कि भले ही मेला आयोजन स्थल को ऐन मौके पर बदला गया, बावजूद इसके मेला पूरी तरह से सफल रहा।
विज्ञापन
शाड़ की जातर मेले में खूब उमड़ी भीड़
अमर उजाला ब्यूरो
रामपुर बुशहर। नोगली में शाड़ की जातर मेले के दौरान नाटियों का खूब दौर चला। मेले में चार देवी-देवता शिरकत कर रहे हैं। इसमें देवता साहिब लक्ष्मी नारायण, चंभू कशोली, नाग देवता तुनन और देवी गांवबिल शामिल हैं। तीन दिन तक चलने वाले इस मेले का आयोजन देवता साहिब लक्ष्मी नारायण की अगुवाई में हो रहा है। भड़ावली पंचायत में स्थित लक्ष्मी नारायण देवता पहले अपने पूरे क्षेत्र का भ्रमण करते हैं। इस दौरान वे कुमसू, कमलाऊ, मसारना, करेरी, छलावट और भड़ावली गांव का दौरा करते हैं। उसके बाद फिर से लक्ष्मी नारायण देवता अपने मंदिर जाते हैं। यहां से वे नोगली पहुंचते हैं। उनके यहां पर आने से नोगली मेला शुरू हो जाता है। हर गांव में उनका जोरदार स्वागत किया जाता है। इस दौरान गांव के लोग लक्ष्मी नारायण से सुख समृद्धि का आशीर्वाद लेते हैं। नोगली मेले में मुख्य आयोजक लक्ष्मी नारायण देवता बाहर से आए देवताओं का स्वागत करते हैं। इस मौके पर शिंगला के देवता भी आयोजक कमेटी के साथ अन्य देवताओं के स्वागत में शामिल होते हैं। बुधवार को सुबह से ही नोगली मेले के प्रांगण में देवलुओं की भीड़ जुटना शुरू हो गई। सभी देवता अपने देवलुओं के साथ प्रांगण में नाचते-गाते पहुंचे। हर देवता के साथ आए देवलुओं ने अपनी-अपनी जगह पर देवता को विराजमान किया। दोपहर बाद तक मेला मैदान में काफी भीड़ रही। खासकर महिलाओं में अपने ईष्ट देव के दर्शन करने के लिए खासा उत्साह दिखा। अपने क्षेत्र से दूर दराज ब्याही महिलाओं के लिए इस मेले में अपने देवता के दर्शन और अपनों से मिलने का एक विशेष मौका रहता है। वीरवार को यहां से दोपहर बाद देवताओं की विदाई की जाएगी। मेला कमेटी के प्रधान कृष्ण गोपाल भारद्वाज ने बताया कि भले ही मेला आयोजन स्थल को ऐन मौके पर बदला गया, बावजूद इसके मेला पूरी तरह से सफल रहा।