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माता के जयकारों से गूंजा अढ़ाल
Updated Sun, 10 Dec 2017 06:36 PM IST
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अनुष्ठान
- फोटो : अमर उजाला ब्यूराे
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रोहड़ू। अढ़ाल गांव में आयोजित बड़ देवी मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा रविवार को संपन्न हो गई। अनुष्ठान में रविवार को शिखा पूजन की मुख्य रस्म अदा की गई। इसमें बछुंछ से देवता बौंद्रा, तंदाली से देवता धौंलू, अढ़ाल से देवता महासू, बटाड़ी से देवता महासू, बलसा से देवता शलानु, अढ़ाल से देवता लांकड़ा विशेष रूप से शामिल रहे। शनिवार को देवताओं के आगमन के साथ मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान आरंभ हुआ था। साथ ही माता के जयकारों से गांव गूंज उठा।
दूसरे दिन रविवार को सुबह नौ बजे शिखा पूजन की मुख्य रस्म निभाई गई। मंदिर में आयोजित महायज्ञ में पूर्ण आहुति डालकर मंत्रोच्चरण किया गया। मुख्य रस्म को देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग अढ़ाल गांव में उपस्थित रहे। देवताओं के साथ आए देवलू दिन भर वाद्य यंत्रों की धुनों पर थिरकते रहे। देवताओं के साथ देवलुओं का नृत्य अनुष्ठान में मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा। रविवार शाम को उछड़ पाछड़ की रस्म निभाई गई। अनुष्ठान में उपस्थित मेहमान देवताओं को विदाई दी गई। देवताओं व देवलुओं की विदाई के साथ अनुष्ठान संपन्न हो गया है। माता बड़ देवी अढ़ाल मंदिर कमेटी के मोतमीन भगत सिंह ठाकुर ने बताया कि नवनिर्मित मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा हो गई है। दो दिनों तक चला अनुष्ठान सफलतापूवर्क संपन्न हो गया है। सभी मेहमान देवता अपने-अपने स्थानों को वापस चले गए हैं।
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दूसरे दिन रविवार को सुबह नौ बजे शिखा पूजन की मुख्य रस्म निभाई गई। मंदिर में आयोजित महायज्ञ में पूर्ण आहुति डालकर मंत्रोच्चरण किया गया। मुख्य रस्म को देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग अढ़ाल गांव में उपस्थित रहे। देवताओं के साथ आए देवलू दिन भर वाद्य यंत्रों की धुनों पर थिरकते रहे। देवताओं के साथ देवलुओं का नृत्य अनुष्ठान में मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा। रविवार शाम को उछड़ पाछड़ की रस्म निभाई गई। अनुष्ठान में उपस्थित मेहमान देवताओं को विदाई दी गई। देवताओं व देवलुओं की विदाई के साथ अनुष्ठान संपन्न हो गया है। माता बड़ देवी अढ़ाल मंदिर कमेटी के मोतमीन भगत सिंह ठाकुर ने बताया कि नवनिर्मित मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा हो गई है। दो दिनों तक चला अनुष्ठान सफलतापूवर्क संपन्न हो गया है। सभी मेहमान देवता अपने-अपने स्थानों को वापस चले गए हैं।
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