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अधर में लटकी सिंचाई योजनाओं के लिए पांच करोड़ रुपये स्वीकृत
Updated Tue, 03 Apr 2018 10:01 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
जुब्बल (रोहड़ू)।
दस वर्षों से अधर में लटकी 52 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन सिंचाई योजना का लाभ शीघ्र ही बागवानों को मिलेगा। हजारों बागवानों के खेत पानी से लबालब होंगे। विधानसभा सत्र के प्रश्नकाल के दौरान मंगलवार को भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं विधायक नरेंद्र बरागटा ने सिंचाई योजनाओं के लिए आवश्यक राशि जारी करने की मांग रखी। इस पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सिंचाई योजना का निर्माण कार्य तेजी से करने का आश्वासन दिया तथा योजनाओं का कार्य पूरा करने के लिए पांच करोड़ रुपये की राशि भी स्वीकृत की है। अमर उजाला ने भी यह मामला 23 अक्तूबर 2017 के अंक में प्रमुखता से उठाया था।
जुब्बल-नावर-कोटखाई में सेब के बगीचों के लिए वर्ष 2008 से वर्ष 2010 तक 11 सिंचाई योजनाओं की आधारशिला रखी गई थी। योजनाओं का निर्माण 52 करोड़ रुपये की लागत से शुरू हुआ। योजना के तहत क्षेत्र में करीब 683 टैंकों का निर्माण भी किया गया। लेकिन वर्ष 2012 में सत्ता परिवर्तन के बाद सिंचाई योजना बजट के अभाव में लटक गई थी। रखरखाव के अभाव में टैंक भी जर्जर स्थिति में पहुंच गए हैं। भाजपा सरकार के फिर से सत्ता में आने के बाद नरेंद्र बरागटा ने सिंचाई योजना का मामला फरवरी माह में सरकार की योजना आयोग की बैठक में भी उठाया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग से सिंचाई योजना की स्टेटस रिपोर्ट मंगवाई। विभाग की ओर से सिंचाई योजनाओं का निर्माण पूरा करने के लिए पांच करोड़ रुपये के बजट की कमी का हवाला दिया गया। अब विधानसभा सत्र के दौरान अतिरिक्त पांच करोड़ का बजट मिल गया है। सिंचाई योजनाओं से क्षेत्र के करीब 12 हजार बागवान लाभान्वित होने है।
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जुब्बल (रोहड़ू)।
दस वर्षों से अधर में लटकी 52 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन सिंचाई योजना का लाभ शीघ्र ही बागवानों को मिलेगा। हजारों बागवानों के खेत पानी से लबालब होंगे। विधानसभा सत्र के प्रश्नकाल के दौरान मंगलवार को भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं विधायक नरेंद्र बरागटा ने सिंचाई योजनाओं के लिए आवश्यक राशि जारी करने की मांग रखी। इस पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सिंचाई योजना का निर्माण कार्य तेजी से करने का आश्वासन दिया तथा योजनाओं का कार्य पूरा करने के लिए पांच करोड़ रुपये की राशि भी स्वीकृत की है। अमर उजाला ने भी यह मामला 23 अक्तूबर 2017 के अंक में प्रमुखता से उठाया था।
जुब्बल-नावर-कोटखाई में सेब के बगीचों के लिए वर्ष 2008 से वर्ष 2010 तक 11 सिंचाई योजनाओं की आधारशिला रखी गई थी। योजनाओं का निर्माण 52 करोड़ रुपये की लागत से शुरू हुआ। योजना के तहत क्षेत्र में करीब 683 टैंकों का निर्माण भी किया गया। लेकिन वर्ष 2012 में सत्ता परिवर्तन के बाद सिंचाई योजना बजट के अभाव में लटक गई थी। रखरखाव के अभाव में टैंक भी जर्जर स्थिति में पहुंच गए हैं। भाजपा सरकार के फिर से सत्ता में आने के बाद नरेंद्र बरागटा ने सिंचाई योजना का मामला फरवरी माह में सरकार की योजना आयोग की बैठक में भी उठाया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग से सिंचाई योजना की स्टेटस रिपोर्ट मंगवाई। विभाग की ओर से सिंचाई योजनाओं का निर्माण पूरा करने के लिए पांच करोड़ रुपये के बजट की कमी का हवाला दिया गया। अब विधानसभा सत्र के दौरान अतिरिक्त पांच करोड़ का बजट मिल गया है। सिंचाई योजनाओं से क्षेत्र के करीब 12 हजार बागवान लाभान्वित होने है।
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