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तीन मेगावाट नोगली परियोजना में विद्युत उत्पादन ठप
Updated Sun, 05 Aug 2018 10:30 PM IST
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रामपुर बुशहर। रामपुर के साथ लगते नोगली क्षेत्र में विद्युत बोर्ड की 3 मेगावाट विद्युत परियोजना हर वर्ष बरसात आने पर हांफना शुरू हो जाती है। इससे प्रदेश सरकार और विद्युत बोर्ड को करोड़ों रुपये का नुकसान झेलना पड़ता है। बावजूद इसके विद्युत बोर्ड परियोजना को नुकसान से बचाने के लिए आज दिन तक कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं कर पाया है। परियोजना में प्रतिदिन 24 हजार यूनिट बिजली उत्पादन होता है। लेकिन इन दिनों परियोजना में विद्युत उत्पादन ठप होने से सरकार और बोर्ड को अच्छी खासी चपत लग रही है।
3 मेगावाट नोगली विद्युत स्टेशन में बीते 28 जुलाई से विद्युत उत्पादन ठप पड़ा है। नोगली खड्ड में भारी बरसात के चलते जल स्तर बढ़ने के कारण परियोजना की वीयर साइट को काफी नुकसान पहुंचा है। प्रतिदिन 24 हजार यूनिट बिजली पैदा करने वाले नोगली विद्युत स्टेशन में पानी का इनटेक टेंपररी डाइवर्जन के तहत किया जाता है। हर वर्ष बरसात में यह डाइवर्जन टूटने के कारण सरकार और बिजली बोर्ड को करोड़ों का नुकसान हो रहा है। सरकार और बोर्ड पानी के इनटेक के लिए स्थाई डाइवर्जन तैयार नहीं कर पा रहा है, जिस कारण परियोजना में विद्युत उत्पादन ठप हो जाता है। हालांकि बोर्ड प्रबंधन द्वारा परियोजना में मरम्मत कार्य करवा जा रहा है।
परियोजना को हर बार पड़ती है दोहरी मार
हर वर्ष भारी बारिश के कारण नोगली विद्युत स्टेशन पर दोहरी मार पड़ती है। एक ओर जहां खड्ड में जल स्तर बढ़ने से परियोजना की वीयर साइट टूट जाती है। वहीं इसके चलते परियोजना में विद्युत उत्पादन ठप हो जाता है। बोर्ड को नई वीयर साइट की मरम्मत के लिए जहां अच्छी खासी धनराशि खर्च करनी पड़ती है।
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3 मेगावाट नोगली विद्युत स्टेशन में बीते 28 जुलाई से विद्युत उत्पादन ठप पड़ा है। नोगली खड्ड में भारी बरसात के चलते जल स्तर बढ़ने के कारण परियोजना की वीयर साइट को काफी नुकसान पहुंचा है। प्रतिदिन 24 हजार यूनिट बिजली पैदा करने वाले नोगली विद्युत स्टेशन में पानी का इनटेक टेंपररी डाइवर्जन के तहत किया जाता है। हर वर्ष बरसात में यह डाइवर्जन टूटने के कारण सरकार और बिजली बोर्ड को करोड़ों का नुकसान हो रहा है। सरकार और बोर्ड पानी के इनटेक के लिए स्थाई डाइवर्जन तैयार नहीं कर पा रहा है, जिस कारण परियोजना में विद्युत उत्पादन ठप हो जाता है। हालांकि बोर्ड प्रबंधन द्वारा परियोजना में मरम्मत कार्य करवा जा रहा है।
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परियोजना को हर बार पड़ती है दोहरी मार
हर वर्ष भारी बारिश के कारण नोगली विद्युत स्टेशन पर दोहरी मार पड़ती है। एक ओर जहां खड्ड में जल स्तर बढ़ने से परियोजना की वीयर साइट टूट जाती है। वहीं इसके चलते परियोजना में विद्युत उत्पादन ठप हो जाता है। बोर्ड को नई वीयर साइट की मरम्मत के लिए जहां अच्छी खासी धनराशि खर्च करनी पड़ती है।
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