{"_id":"66c48763083bc7dcf40229bd","slug":"wow-department-merged-taraswan-school-into-one-room-building-mandi-news-c-90-1-ssml1026-133684-2024-08-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mandi News: वाह रे विभाग.... एक कमरे के भवन में मर्ज कर दिया तरस्वाण स्कूल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mandi News: वाह रे विभाग.... एक कमरे के भवन में मर्ज कर दिया तरस्वाण स्कूल
Tue, 20 Aug 2024 05:39 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Tue, 20 Aug 2024 05:39 PM IST
विज्ञापन
शैडनुमा कमरे में संचालित शिक्षा खंड द्रंग दो की धार दो पाठशाला। यहां अब दूसरे स्कूल को भी मर
शिक्षा खंड द्रंग दो के इस स्कूल धार-2 में मर्ज करने से बढ़ी विद्यार्थियोंं की परेशानी
स्कूल प्रबंधन समिति ने शिक्षा विभाग पर लगाया नियमों को दरकिनार करने का आरोप
डिजिटल पर न चलाएं...
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। कम छात्र संख्या वाले स्कूलों को मर्ज करने का निर्णय कई स्थानों पर विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। आलम यह है कि एक कमरे के टीन की छत्त वाले भवन में चल स्कूल में एक अन्य स्कूल को मर्ज कर दिया गया है। यह कारनामा मंडी जिला के शिक्षा खंड द्रंग-2 में सामने आया है। शिक्षा खंड में सिर्फ नौनिहालों के पंजीकरण को आधार बनाकर पांच प्राइमरी स्कूलों को मर्ज किया जा रहा है।
खंड की राजकीय केंद्रीय प्राथमिक पाठशाला तरस्वाण को 3 किलोमीटर दूर स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला धार-2 में मर्ज किया गया है। जबकि धार-2 स्कूल खुद ही एक कमरे के भवन में चलाया जा रहा है। यहां पर नौनिहालों को बैठाने के लिए जगह नहीं है, वहीं अब दूसरे स्कूल के बच्चे कहां बैठाए जाएंगे और सामान कहां रख जाएगा। यह भी समस्या पैदा हो गई है।
तरस्वाण स्कू0ल प्रबंधन समिति के प्रधान पुरषोत्तम सिंह सहित अन्य अभिभावकों ने कहा है कि तरस्वाण स्कूल की धार-2 स्कूल से तीन किलोमीटर की दूरी है। ऊपर से जंगली रास्ता होने से जानवरों का डर, सर्दी के मौसम में बर्फबारी से नौनिहाल स्कूल नहीं पहुंच पाएंगे। उन्होंने कहा कि प्री प्राइमरी के साथ स्कूल में 6 बच्चों का पंजीकरण है। इस वर्ष बच्चों की 6 वर्ष की शर्त के कारण कोई भी नया दाखिला नहीं हो पाया है। उन्होंने प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग से आग्रह किया है कि स्कूल के पंजीकरण में प्री प्राइमरी के पंजीकरण को भी शामिल किया जाए। उधर, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ द्रंग-2 के अध्यक्ष भीम सिंह ठाकुर ने इस मामले पर कड़ा एतराज जताया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि द्रंग खंड से भेदभाव किया जा रहा है। इस बारे में प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक विजय गुप्ता ने कहा कि विभाग की ओर से मांगी गई रिपोर्ट भेजी थी। यह निर्णय सरकार का है।
विज्ञापन
इन स्कूलों की दूरी भी 2 किलोमीटर से ज्यादा
शिक्षा खंड द्रंग-2 की चार अन्य प्राथमिक पाठशालाओं को मर्ज किया जा रहा है, जिनकी दूरी 3 से 5 किलोमीटर के करीब है। राजकीय प्राथमिक पाठशाला झगरकूट को बुलंद स्कूल में मर्ज किया जा रहा है। इसकी दूरी 3 किलोमीटर से अधिक है। वहीं, चेला-1 की चेला-2 से करीब 5 किलोमीटर, बड़ागांव की सिलग से 5 किलोमीटर से अधिक, जबकि राजकीय प्राथमिक पाठशाला टिल्ली पाटन की दूरी राजकीय केंद्रीय प्राथमिक पाठशाला कथोग से करीब 5 किलोमीटर है।
विज्ञापन
स्कूल प्रबंधन समिति ने शिक्षा विभाग पर लगाया नियमों को दरकिनार करने का आरोप
डिजिटल पर न चलाएं...
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। कम छात्र संख्या वाले स्कूलों को मर्ज करने का निर्णय कई स्थानों पर विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। आलम यह है कि एक कमरे के टीन की छत्त वाले भवन में चल स्कूल में एक अन्य स्कूल को मर्ज कर दिया गया है। यह कारनामा मंडी जिला के शिक्षा खंड द्रंग-2 में सामने आया है। शिक्षा खंड में सिर्फ नौनिहालों के पंजीकरण को आधार बनाकर पांच प्राइमरी स्कूलों को मर्ज किया जा रहा है।
खंड की राजकीय केंद्रीय प्राथमिक पाठशाला तरस्वाण को 3 किलोमीटर दूर स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला धार-2 में मर्ज किया गया है। जबकि धार-2 स्कूल खुद ही एक कमरे के भवन में चलाया जा रहा है। यहां पर नौनिहालों को बैठाने के लिए जगह नहीं है, वहीं अब दूसरे स्कूल के बच्चे कहां बैठाए जाएंगे और सामान कहां रख जाएगा। यह भी समस्या पैदा हो गई है।
विज्ञापन
तरस्वाण स्कू0ल प्रबंधन समिति के प्रधान पुरषोत्तम सिंह सहित अन्य अभिभावकों ने कहा है कि तरस्वाण स्कूल की धार-2 स्कूल से तीन किलोमीटर की दूरी है। ऊपर से जंगली रास्ता होने से जानवरों का डर, सर्दी के मौसम में बर्फबारी से नौनिहाल स्कूल नहीं पहुंच पाएंगे। उन्होंने कहा कि प्री प्राइमरी के साथ स्कूल में 6 बच्चों का पंजीकरण है। इस वर्ष बच्चों की 6 वर्ष की शर्त के कारण कोई भी नया दाखिला नहीं हो पाया है। उन्होंने प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग से आग्रह किया है कि स्कूल के पंजीकरण में प्री प्राइमरी के पंजीकरण को भी शामिल किया जाए। उधर, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ द्रंग-2 के अध्यक्ष भीम सिंह ठाकुर ने इस मामले पर कड़ा एतराज जताया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि द्रंग खंड से भेदभाव किया जा रहा है। इस बारे में प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक विजय गुप्ता ने कहा कि विभाग की ओर से मांगी गई रिपोर्ट भेजी थी। यह निर्णय सरकार का है।
विज्ञापन
इन स्कूलों की दूरी भी 2 किलोमीटर से ज्यादा
शिक्षा खंड द्रंग-2 की चार अन्य प्राथमिक पाठशालाओं को मर्ज किया जा रहा है, जिनकी दूरी 3 से 5 किलोमीटर के करीब है। राजकीय प्राथमिक पाठशाला झगरकूट को बुलंद स्कूल में मर्ज किया जा रहा है। इसकी दूरी 3 किलोमीटर से अधिक है। वहीं, चेला-1 की चेला-2 से करीब 5 किलोमीटर, बड़ागांव की सिलग से 5 किलोमीटर से अधिक, जबकि राजकीय प्राथमिक पाठशाला टिल्ली पाटन की दूरी राजकीय केंद्रीय प्राथमिक पाठशाला कथोग से करीब 5 किलोमीटर है।