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Mandi News: देवताओं पर भारी पड़ रही डायनें... देववाणी में गुर ने सुनाया वृत्तांत
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पुरानी मंडी स्थित माता चतुर्भुजा मंदिर में जाग उत्सव पर अंगारों पर चलते गूर व देव रथ। स्रोत जा
देव सत बाला कामेश्वर मंदिर देवधार में सुनाया जाएगा अंतिम युद्ध का परिणाम
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। शहर की पुरानी मंडी स्थित माता महाकाली मंदिर में बुधवार रात 62वीं वार्षिक जाग हर्षोल्लास से मनाई गई। रातभर भजन मंडलियों ने माता का गुणगान किया। स्कूल बाजार से माता काली चामुंडा और माता महाकाली के देवरथों ने भी जाग में शिरकत की।
रात 12 बजे माता के आशीर्वाद से गूर ने दहकते अंगारों पर चलकर दैवीय परीक्षा दी और देववाणी के माध्यम से देवताओं व डायनों के बीच चल रहे युद्ध का वृत्तांत सुनाया। बताया गया कि युद्ध में डायनें देवताओं पर भारी पड़ रही हैं। युद्ध का अंतिम वृत्तांत 14 सितंबर को देव बाला कामेश्वर मंदिर देवधार में सुनाया जाएगा। महाकाली माता के गूर मुंशीराम व खुशाल, काली चामुंडा के गूर जयचंद राणा सहित मंदिर कमेटी के पदाधिकारी मौजूद रहे।
अंगारों पर चलकर दैवीय शक्ति का प्रदर्शन किया
पुरानी मंडी स्थित माता चतुर्भुजा मंदिर में भी 56वीं जाग धूमधाम से मनाई गई। द्रंग क्षेत्र के रूंझ से ऋषि पाइंदल और मैगल से माता श्यामा काली के देवरथों ने शिरकत की। रातभर भजन-कीर्तन चलता रहा। मंदिर कमेटी के प्रधान जॉनी सकलानी ने बताया कि गूर शशि कुमार, शनि और राज कुमार ने अंगारों पर चलकर दैवीय शक्ति का प्रदर्शन किया। देववाणी में बताया गया कि देवताओं और डायनों के बीच पहला युद्ध हो चुका है और दोनों पक्ष बराबरी पर हैं। अंतिम परिणाम देवधार मंदिर में सुनाया जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। शहर की पुरानी मंडी स्थित माता महाकाली मंदिर में बुधवार रात 62वीं वार्षिक जाग हर्षोल्लास से मनाई गई। रातभर भजन मंडलियों ने माता का गुणगान किया। स्कूल बाजार से माता काली चामुंडा और माता महाकाली के देवरथों ने भी जाग में शिरकत की।
रात 12 बजे माता के आशीर्वाद से गूर ने दहकते अंगारों पर चलकर दैवीय परीक्षा दी और देववाणी के माध्यम से देवताओं व डायनों के बीच चल रहे युद्ध का वृत्तांत सुनाया। बताया गया कि युद्ध में डायनें देवताओं पर भारी पड़ रही हैं। युद्ध का अंतिम वृत्तांत 14 सितंबर को देव बाला कामेश्वर मंदिर देवधार में सुनाया जाएगा। महाकाली माता के गूर मुंशीराम व खुशाल, काली चामुंडा के गूर जयचंद राणा सहित मंदिर कमेटी के पदाधिकारी मौजूद रहे।
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अंगारों पर चलकर दैवीय शक्ति का प्रदर्शन किया
पुरानी मंडी स्थित माता चतुर्भुजा मंदिर में भी 56वीं जाग धूमधाम से मनाई गई। द्रंग क्षेत्र के रूंझ से ऋषि पाइंदल और मैगल से माता श्यामा काली के देवरथों ने शिरकत की। रातभर भजन-कीर्तन चलता रहा। मंदिर कमेटी के प्रधान जॉनी सकलानी ने बताया कि गूर शशि कुमार, शनि और राज कुमार ने अंगारों पर चलकर दैवीय शक्ति का प्रदर्शन किया। देववाणी में बताया गया कि देवताओं और डायनों के बीच पहला युद्ध हो चुका है और दोनों पक्ष बराबरी पर हैं। अंतिम परिणाम देवधार मंदिर में सुनाया जाएगा।
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