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Mandi News: व्यापार मंडल ने यूपीआई पर शुल्क का किया विरोध, बंद रखीं डिजिटल लेन-देन सेवा

Sat, 03 Oct 2026 12:35 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 03 Oct 2026 12:35 AM IST
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Traders' association opposes UPI charges, suspends digital transaction services.
सरकार से यूपीआई भुगतान को शुल्क मुक्त बनाने की मांग
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छोटे कारोबारियों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ का विरोध
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। राज्य व्यापार मंडल के आह्वान पर शुक्रवार को मंडी शहर के व्यापारियों ने ‘नो यूपीआई डे’ का समर्थन करते हुए यूपीआई के माध्यम से होने वाले लेन-देन की सेवाएं पूरी तरह बंद रखीं। हालांकि, यूपीआई के अत्यधिक प्रचलन और लोगों के पास नकदी उपलब्ध न होने के कारण कुछ सब्जी एवं फल विक्रेताओं तथा ऑटो चालकों को मजबूरी में यह सुविधा जारी रखनी पड़ी।
व्यापारियों ने सरकार से मांग की कि यूपीआई भुगतान व्यवस्था को पूरी तरह सरल, पारदर्शी और किसी भी अतिरिक्त वित्तीय बोझ से मुक्त बनाया जाए। व्यापारियों का कहना है कि वे देश की आर्थिक प्रगति में रीढ़ की हड्डी की तरह हैं और उन्हें केवल टैक्स कलेक्शन का माध्यम नहीं समझा जाना चाहिए। सरकार को ऐसा कोई भी निर्णय नहीं लेना चाहिए, जिससे छोटे और मध्यम वर्गीय कारोबारियों पर अनुचित आर्थिक दबाव बढ़े।
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सरकार शुल्क संबंधी प्रावधानों पर करे पुनर्विचार
सरकार को यूपीआई व्यवस्था को कारोबारियों और ग्राहकों, दोनों के व्यापक हित में संचालित करना चाहिए। इससे दोनों वर्गों को लेन-देन में किसी तरह की परेशानी न हो। केंद्र सरकार को शुल्क संबंधी प्रावधानों पर तुरंत पुनर्विचार करना चाहिए। -राजेश महेंद्रू, प्रधान, मंडी व्यापार मंडल मंडी
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सभी छोटे-बड़े व्यापारी डिजिटल इंडिया और कैशलेस अर्थव्यवस्था के प्रबल समर्थक हैं, लेकिन डिजिटल भुगतान के नाम पर थोपा गया अतिरिक्त आर्थिक बोझ कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा। -देसराज राणा, प्रधान, फल एवं सब्जी विक्रेता यूनियन मंडी
सरकार की ओर से व्यापारियों से एमडीआर (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) की वसूली किए जाने से कारोबारी वर्ग परेशान है। सरकार को चाहिए कि इस व्यवस्था को सरल बनाया जाए। -सुनील कुमार, दुकानदार, मंडी

यूपीआई पर टैक्स लागू होने से अंततः इसका नुकसान ग्राहकों को ही उठाना पड़ता है, क्योंकि व्यापारी इस तरह के अतिरिक्त खर्च को अंततः उपभोक्ताओं से वसूलने के लिए विवश हो सकते हैं। -भागीरथ, ऑटो चालक, मंडी
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