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Mandi News: अंग्रेजों के बनाए पैदल रास्ते को संवारेगा पर्यटन विभाग
Tue, 05 Nov 2024 08:31 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Tue, 05 Nov 2024 08:31 AM IST
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नड्डी-धर्मकोट-गलू हेरिटेज पाथ का वन विभाग के साथ किया जाएगा निरीक्षण
मार्ग में शौचालय और रेन शेल्टर की व्यवस्था को तैयार होगी रुपरेखा
तनुज सैणी
धर्मशाला। पर्यटन नगरी मैक्लोडगंज में अनदेखी का दंश झेल रहे अंग्रेजों के बनाए पैदल मार्ग को अब पर्यटन विभाग संवारेगा। हेरिटेज पाथ को संवारने के लिए सीमेंट-कंक्रीट नहीं बल्कि पुराने जमाने की तकनीक के तहत ही पत्थर और मिट्टी से ही इस जीर्णोद्धार किया जाएगा। इतना ही नहीं मार्ग में सोलर लाइट्स, शौचालय और रेन शेल्टर की व्यवस्था करने को लेकर भी रुपरेखा तैयार की जाएगी। इस धरोहर मार्ग का वन भूमि में होने के चलते पर्यटन और वन विभाग की संयुक्त टीम दौरा कर इसके सौंदर्यीकरण को लेकर खाका तैयार किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार अंग्रेजों के समय में बना नड्डी-धर्मकोट-गलू तक का ट्रैक अनदेखी के कारण झाड़ियों और भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हो चुका है। इस धरोहर मार्ग से जिला कांगड़ा की सुंदरता के साथ ही सूर्यास्त का खूबसूरत नजारा दिखता है। इतना ही नहीं, चीड़ और देवदार के जंगल के बीचों बीच गुजरने वाला यह ट्रैक पर्यटकों को भी आकर्षित कर सकता है। वर्तमान में अनदेखी के चलते इस ट्रैक के बारे में ज्यादा जानकारी न होने और झाड़ियों और भू-स्खलन के कारण कुछ स्थानों पर इसके क्षतिग्रस्त होने से मार्ग पर कोई भी नहीं जाता है। हालांकि इस मार्ग पर तिब्बती शैली के कुछ भवन भी हैं।
बता दें, धर्मशाला में सितंबर 2023 को नेशनल लेवल की टूरिज्म कॉन्कलेव के दौरान मंत्रियों की ट्रैकिंग के लिए पर्यटन और जिला प्रशासन की ओर से इस ट्रैक को चिन्हित किया गया था। इस दौरान ट्रैक पर कुछ सफाई का कार्य भी हुआ था। इस धरोहर मार्ग के जीर्णाेद्धार को लेकर पर्यटन विभाग ने प्रक्रिया शुरू की थी तो, इसका वन भूमि में होने की बात सामने आई थी। जिसके बाद पर्यटन विभाग ने अब वन विभाग के साथ मिलकर इस हेरिटेज मार्ग को संवारने और पर्यटकों को मार्ग पर सुविधा प्रदान करने को लेकर प्रक्रिया शुरू की है।
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उधर, पर्यटन विभाग कांगड़ा के उपनिदेशक विनय धीमान ने बताया कि अंग्रेजों के समय बने नड्डी-धर्मकोट-गलू हेरिटेज मार्ग को दोबारा से संवारने की योजना है। इस ट्रैक पर शौचालय, रेन शेल्टर और सोलर लाइट्स की व्यवस्था की जानी है। इसके लिए जल्द ही वन विभाग के साथ मिलकर ट्रैक का निरीक्षण कर आगामी प्रक्रिया को शुरू किया जाएगा।
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मार्ग में शौचालय और रेन शेल्टर की व्यवस्था को तैयार होगी रुपरेखा
तनुज सैणी
धर्मशाला। पर्यटन नगरी मैक्लोडगंज में अनदेखी का दंश झेल रहे अंग्रेजों के बनाए पैदल मार्ग को अब पर्यटन विभाग संवारेगा। हेरिटेज पाथ को संवारने के लिए सीमेंट-कंक्रीट नहीं बल्कि पुराने जमाने की तकनीक के तहत ही पत्थर और मिट्टी से ही इस जीर्णोद्धार किया जाएगा। इतना ही नहीं मार्ग में सोलर लाइट्स, शौचालय और रेन शेल्टर की व्यवस्था करने को लेकर भी रुपरेखा तैयार की जाएगी। इस धरोहर मार्ग का वन भूमि में होने के चलते पर्यटन और वन विभाग की संयुक्त टीम दौरा कर इसके सौंदर्यीकरण को लेकर खाका तैयार किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार अंग्रेजों के समय में बना नड्डी-धर्मकोट-गलू तक का ट्रैक अनदेखी के कारण झाड़ियों और भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हो चुका है। इस धरोहर मार्ग से जिला कांगड़ा की सुंदरता के साथ ही सूर्यास्त का खूबसूरत नजारा दिखता है। इतना ही नहीं, चीड़ और देवदार के जंगल के बीचों बीच गुजरने वाला यह ट्रैक पर्यटकों को भी आकर्षित कर सकता है। वर्तमान में अनदेखी के चलते इस ट्रैक के बारे में ज्यादा जानकारी न होने और झाड़ियों और भू-स्खलन के कारण कुछ स्थानों पर इसके क्षतिग्रस्त होने से मार्ग पर कोई भी नहीं जाता है। हालांकि इस मार्ग पर तिब्बती शैली के कुछ भवन भी हैं।
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बता दें, धर्मशाला में सितंबर 2023 को नेशनल लेवल की टूरिज्म कॉन्कलेव के दौरान मंत्रियों की ट्रैकिंग के लिए पर्यटन और जिला प्रशासन की ओर से इस ट्रैक को चिन्हित किया गया था। इस दौरान ट्रैक पर कुछ सफाई का कार्य भी हुआ था। इस धरोहर मार्ग के जीर्णाेद्धार को लेकर पर्यटन विभाग ने प्रक्रिया शुरू की थी तो, इसका वन भूमि में होने की बात सामने आई थी। जिसके बाद पर्यटन विभाग ने अब वन विभाग के साथ मिलकर इस हेरिटेज मार्ग को संवारने और पर्यटकों को मार्ग पर सुविधा प्रदान करने को लेकर प्रक्रिया शुरू की है।
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उधर, पर्यटन विभाग कांगड़ा के उपनिदेशक विनय धीमान ने बताया कि अंग्रेजों के समय बने नड्डी-धर्मकोट-गलू हेरिटेज मार्ग को दोबारा से संवारने की योजना है। इस ट्रैक पर शौचालय, रेन शेल्टर और सोलर लाइट्स की व्यवस्था की जानी है। इसके लिए जल्द ही वन विभाग के साथ मिलकर ट्रैक का निरीक्षण कर आगामी प्रक्रिया को शुरू किया जाएगा।