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तीन बहनों का इकलौता भाई था अजय
मंडी
Updated Thu, 11 Aug 2016 10:19 PM IST
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जवान अजय कुमार की मौत पर गम में डूबी बहनें।
- फोटो : अमर उजाला
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पधर (मंडी)। उपमंडल पधर की ग्राम पंचायत चुक्कू के सलहाणा गांव में सैनिक बेटे की आकस्मिक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। लाडले बेटे को तिरंगे में लिपटा देख अजय के परिजन और रिश्तेदार बिलख बिलख कर रो पड़े। भारतीय सेना में मई 2015 में भर्ती हुए अजय ने जबलपुर से ट्रेनिंग पूरी कर पहली अगस्त को घर छुट्टी आना था। उसने घर पर अपनी मां, पिता और बहन को मोबाइल पर इसकी सूचना दे दी थी।
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घर छुट्टी आने की खुशी का इंतजार कर रहे परिवार को क्या मालूम था कि उनके इकलौते बेटा तिरंगे में लिपट कर घर आएगा। तीन बहनों के इकलौते भाई की दुखद मौत से पूरा परिवार अंदर तक टूट गया है। वीरवार को सेना की गाड़ी में सैनिक का पार्थिक शरीर जैसे ही सलहाणा गांव पहुंचा तो वहां मौजूद सभी की आंखें नम थीं। बेटे के भारतीय सेना में भर्ती होने पर गरीब परिवार को उस पर कई उम्मीदें बंध गई थी जो मौत ने धराशायी कर दी। सैनिक अजय कुमार ने सेना में अपनी ट्रेनिंग पूरी करने के बाद इसी महीने घर छुट्टी आना था। उसकी पोस्टिंग असम में हुई थी। ट्रेनिंग के दौरान अजय को हलकी चोट लगी थी और आर्मी अस्पताल में उसका उपचार चल रहा था। चोट वाले स्थान पर अजय कुमार को अचानक दर्द उठा और तेज बुखार आने से उसकी मौत हो गई। अजय कुमार अपनी माता सैरो देवी, पिता टेक चंद का इकलौता बेटा था। उसकी तीन बहनें सकीना, बबली और रीना है। तीनों बहनें सेना में भर्ती इकलौते भाई की कलाइयों पर राखी बांधने के लिए बेसब्री से रक्षाबंधन का इंतजार कर रही थीं पर खुदा को कुछ और ही मंजूर था।
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